30,000 फर्जी वोटरों की सीक्रेट एंट्री? अभिषेक बनर्जी के दावों के बाद खंगाले जायेंगे CEO दफ्तर के CCTV
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर में चोर दरवाजे से हजारों ‘फर्जी’ मतदाता बनाने की कोशिश की गयी है. इस सनसनीखेज दावे के बाद बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्यालय के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के आदेश दिये हैं.
अभिषेक बनर्जी के इस आरोप ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. बोरी भर फॉर्म-6 वाला अभिषेक बनर्जी का आरोप सोमवार को पश्चिम बंगाल के सीईओ से मुलाकात के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विस्फोटक आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि एक भाजपा नेता का प्रतिनिधि महज कुछ ही घंटों में करीब 30,000 ‘फॉर्म-6’ से भरी बोरी लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा. चुनाव आयोग के पास संतोषजनक जवाब नहीं – अभिषेक अभिषेक बनर्जी का दावा है कि ये फॉर्म उन लोगों के हैं, जो बंगाल के निवासी नहीं हैं.
उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा- 6-7 घंटों में इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म जमा होना बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. चुनाव आयोग के पास इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं था. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अभिषेक के दावे के बाद एक्शन में इलेक्शन कमीशन अभिषेक बनर्जी के इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग एक्शन में आ गया.
कहा कि अगर इस मामले में कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. इन गंभीर आरोपों के बीच सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आयोग शिकायतों को पूरी गंभीरता से ले रहा है. इसे भी पढ़ें : इलेक्शन कमीशन कार्यालय से 4 अफसरों का ट्रांसफर, राहुल नाथ बने बंगाल के डिप्टी सीईओ सीईओ बोले- मैं खुद करूंगा जांच, होगा लीगल एक्शन अग्रवाल ने कहा- मैं खुद देखूंगा कि एजेंसी ने कहां-कहां कैमरे लगाये हैं और उन फुटेज में क्या रिकॉर्ड हुआ है.
उन्होंने कहा कि अब तक जितने भी आवेदन चुनाव आयोग के पास आये हैं, सभी आवेदनों को मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ERO) के पास वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गलत जानकारी देकर नाम जुड़वाने की कोशिश की है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
इसे भी पढ़ें : फिर एक्शन में इलेक्शन कमीशन, 83 प्रखंड विकास पदाधिकारियों का किया ट्रांसफर क्या है ‘फॉर्म-6’ का गणित? चुनाव के नियमों के अनुसार, फॉर्म-6 केवल उन लोगों के लिए होता है, जो पहली बार मतदाता बन रहे हैं या एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे में अपना वोट शिफ्ट करना चाहते हैं.
ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का आरोप है कि भाजपा अन्य राज्यों के लोगों को बंगाल की मतदाता सूची में शामिल करके चुनाव को प्रभावित करना चाहती है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता की सड़कों पर संग्राम, CEO दफ्तर के बाहर BLO और पुलिस में भिड़ंत 85.87 लाख के मालिक शुभेंदु अधिकारी के पास नहीं है कार, जानें नंदीग्राम के योद्धा की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस बंगाल चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी की आयोग को चेतावनी, CEC से पूछा- ये कैसा लोकतंत्र? बंगाल में चुनाव आयोग नहीं मान रहा 1904 का दस्तावेज़, सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग.