बहरमपुर की सड़कों पर अजहरुद्दीन, अधीर चौधरी के काम आयेगा क्रिकेटर कार्ड?
खास बातें अजहर को देखने के लिए छतों और बालकनी पर डटे रहे लोग अधीर रंजन की 3 दशक बाद विधानसभा में वापसी की कोशिश क्रिकेटर बनाम क्रिकेटर का मनोवैज्ञानिक खेल Azharuddin Baharampur Visit: बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले बहरमपुर की सियासत में जबर्दस्त रोमांच देखने को मिल रहा है.
शनिवार को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी के समर्थन में मेगा रोड शो किया. मुर्शिदाबाद के इस गढ़ में एक क्रिकेटर (युसूफ पठान) से लोकसभा हारने के बाद, अब अधीर रंजन चौधरी ने अपनी साख बचाने के लिए दूसरे दिग्गज क्रिकेटर अजहरुद्दीन को मैदान में उतार दिया है.
अजहर को देखने के लिए छतों और बालकनी पर डटे रहे लोग बहरमपुर में अजहरुद्दीन की मौजूदगी ने समर्थकों में नया जोश भर दिया. उनके रोड शो के दौरान सड़क के दोनों ओर हजारों की भीड़ जमा हो गयी. लोगों ने अपने चहेते पूर्व कप्तान का अभिवादन हाथ हिलाकर और तालियां बजाकर किया.
पूर्व क्रिकेटर ने मतदाताओं से कहा कि अधीर रंजन चौधरी का अनुभव और इस मिट्टी से उनका जुड़ाव बेजोड़ है. उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस को वोट देने की अपील की. अधीर रंजन की 3 दशक बाद विधानसभा में वापसी की कोशिश बहरमपुर से 5 बार के सांसद रहे अधीर रंजन चौधरी के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई जैसा है.
2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उन्हें इसी सीट पर शिकस्त दी थी. लगभग 30 साल बाद अधीर रंजन फिर से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे हैं. बहरमपुर विधानसभा क्षेत्र में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत मतदान होना है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुर्शिदाबाद के ‘रॉबिनहुड’ अधीर चौधरी को भले ही लोकसभा चुनाव में हार मिली हो, लेकिन मुर्शिदाबाद की राजनीति में आज भी उनका कद काफी बड़ा है. 1999 से संसद में बहरमपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले चौधरी पहले केंद्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल में फिर ‘दीदी’ के करीब आया अल्पसंख्यक वोट बैंक! स्टिंग और UCC के डर ने बिगाड़ा खेल, जानें नये सियासी समीकरण Azharuddin Baharampur Visit: क्रिकेटर बनाम क्रिकेटर का मनोवैज्ञानिक खेल अजहरुद्दीन की इस यात्रा को राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं.
दरअसल, टीएमसी के यूसुफ पठान की ‘क्रिकेटर इमेज’ को काटने के लिए कांग्रेस ने अजहरुद्दीन के जरिये मतदाताओं, खासकर युवाओं और खेल प्रेमियों को साधने की कोशिश की है. इसे भी पढ़ें टीएमसी के राज में लोकतंत्र वेंटिलेटर पर, इस बार बंगाल चुनाव में लड़ाई ‘जनता बनाम ममता’, कोलकाता में गरजे शमिक भट्टाचार्य पुरुलिया में पीएम मोदी की मेगा रैली, अभेद्य किले में तब्दील रायबाघिनी मैदान, 9 विधानसभा को साधेंगे बंगाल चुनाव 2026: दुर्गापुर में तृणमूल के हेवीवेट नेता विश्वनाथ परियाल बीजेपी में शामिल, सुकांत ने दिलायी सदस्यता बंगाल में फिर ‘दीदी’ के करीब आया अल्पसंख्यक वोट बैंक! स्टिंग और UCC के डर ने बिगाड़ा खेल, जानें नये सियासी समीकरण.