पुणे मर्डर केस : केतन अग्रवाल के परिवार पर फिर टूटा दुखों का पहाड़, अब दादा का निधन
केतन अग्रवाल के दादा देविचंद अग्रवाल का पुणे के एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया. वे कुछ समय से वहां इलाज करवा रहे थे. परिवार में फिर से शोक का माहौल है. इंडिया टुडे ने अपने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि देविचंद अग्रवाल की कुछ समय पहले बड़ी हार्ट सर्जरी हुई थी.
इसके बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब रहती थी और उन्हें बार-बार स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. परिवार पहले से ही केतन अग्रवाल की मौत के सदमे से उबर नहीं पाया था. इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. केतन की मौत सबसे ज्यादा असर उनके दादा देविचंद अग्रवाल पर पड़ा था, जो इस दुख को सहन नहीं कर पाए.
वे भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे. देविचंद अग्रवाल की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई इस हफ्ते की शुरुआत में देविचंद अग्रवाल की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा और लगातार इलाज किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
देविचंद का निधन उस दर्दनाक घटना के कुछ हफ्ते बाद हुआ, जिसमें उनके पोते केतन अग्रवाल की पुणे के लोहगढ़ किले की गहरी खाई में कथित तौर पर धक्का देकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है.
पुलिस को मिले ये सबूत जांच में अब तक सामने आए फैक्ट के मुताबिक, 26 वर्षीय पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन की मौत से पहले ऑनलाइन सर्च, डिलीट किए गए मैसेज और पूरी वारदात की प्लानिंग के सबूत मिले हैं. पुलिस इनको आधार मानकर जांच में जुट गई है..