बंगाल चुनाव की काउंटिंग से पहले अभिषेक बनर्जी ने संभाला मोर्चा, 291 सीटों के काउंटिंग एजेंट्स की लेंगे क्लास
खास बातें 291 सीटों पर पैनी नजर, एजेंटों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग हाईटेक हुई काउंटिंग, QR कोड और मोबाइल का इस्तेमाल पुराना अनुभव और नयी रणनीति Abhishek Banerjee Virtual Meeting: बंगाल चुनाव 2026 के महामुकाबले के नतीजे आने में अभी 2 दिन बाकी हैं. 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है.
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शनिवार शाम 4 बजे राज्य के सभी 291 विधानसभा क्षेत्रों के मतगणना एजेंटों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे. बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतगणना के दौरान विपक्षी दलों या प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की चूक का फायदा न उठाने दिया जाये.
291 सीटों पर पैनी नजर, एजेंटों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग अभिषेक बनर्जी इस वर्चुअल संवाद के जरिये अपने काउंटिंग एजेंटों को उनकी जिम्मेदारियों और मतगणना के प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से समझायेंगे. मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकालने से लेकर प्रत्येक राउंड की गिनती के बाद फॉर्म पर हस्ताक्षर करने तक की प्रक्रिया पर चर्चा होगी.
पार्टी नेतृत्व चाहता है कि एजेंट पूरी प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहें, ताकि कोई भी गड़बड़ी न हो सके. दार्जिलिंग की 3 सीटों पर बीजीपीएम (BGPM) ने चुनाव लड़ा है. हाईटेक हुई काउंटिंग, QR कोड और मोबाइल का इस्तेमाल इस बार चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया में तकनीक का बड़ा समावेश किया है.
अभिषेक बनर्जी विशेष रूप से एजेंटों को डिजिटल साक्षर बनाने पर जोर देंगे. मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रवेश प्रणाली लागू की गयी है. एजेंट्स को मोबाइल ऐप और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल में सक्षम होने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि वे आयोग के डिजिटल अपडेट्स के साथ तालमेल बिठा सकें.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Abhishek Banerjee Virtual Meeting: पुराना अनुभव और नयी रणनीति टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अभिषेक बनर्जी नवंबर से फरवरी के बीच बूथ स्तर के एजेंटों के साथ लगातार संपर्क में थे. हालांकि, मार्च में चुनाव की घोषणा के बाद ऐसी कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई.
अब जब परिणाम की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है, तो अभिषेक बनर्जी का यह कदम कार्यकर्ताओं में जोश भरने और समन्वय को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि मतगणना केंद्र पर तैनात एजेंट ही जीत और हार के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं.
इसलिए, उन्हें हर तकनीकी और कानूनी पहलू से लैस करना टीएमसी की ‘मिशन नबान्न’ रणनीति का हिस्सा है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव के Exit Poll पर कितना करें भरोसा? 2021 में दिग्गज एजेंसियां हो गयी थी फेल, जानें 2011 और 2016 में किसका गणित था सबसे सटीक डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन? कोलकाता, 24 परगना और हावड़ा की 91 सीटों से तय होगा ‘नबान्न का नवाब’, क्या दीदी का किला ढाह पायेगी भाजपा? बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच.