प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी: छात्राओं को नहीं मिल रही जगह, रोजाना 2 किमी पैदल सफर को मजबूर
**रामपुरा तहसील मुख्यालय क्षेत्र में प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी एवं कंडक्टर क्लीनर की हिटलर शाही एवं मनमानी अब छात्रों, खासकर छात्राओं के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। कॉलेज और आईटीआई जाने वाले विद्यार्थियों का आरोप है कि बस संचालक जानबूझकर उन्हें बसों में नहीं बैठाते, जिससे उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति सबसे अधिक गंभीर छात्राओं के लिए है, जिन्हें बसों में जगह नहीं दी जाती। मजबूरी में उन्हें प्रतिदिन लगभग 2 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय करना पड़ता है। भीषण गर्मी हो या अचानक बारिश, छात्राएं हर मौसम में इस परेशानी को झेलने को मजबूर हैं।
इस समस्या के कारण न केवल छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों में इसको लेकर आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही प्राइवेट बस संचालकों पर सख्ती नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं छात्रों ने भी मांग की है कि उन्हें नियमित रूप से बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए और बस संचालकों की मनमानी पर रोक लगाई जाए।