मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के सदस्यों के साथ बिताया समय | गोदड़ी पर बैठकर जनजाति समुदाय के नागरिकों के साथ किया भोजन मुख्यमंत्री पहुंचे बसंत सिंह बामनिया के घर आदिवासी बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार
जनजातीय समाज के प्रति आत्मीय जुड़ाव और जनजातीय संस्कृति में निहित पारिवारिक मूल्यों का भावपूर्ण चित्र उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के सदस्य श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ आत्मीय समय बिताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से सहज संवाद किया, आदिवासी समुदाय की बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व पावन अवसर पर राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने जनजातीय परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया और उनके जीवन, परंपराओं तथा संस्कृति को निकट से जाना।
गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने किसी औपचारिक व्यवस्था के बजाय जनजातीय परिवार की पारंपरिक जीवनशैली को अपनाते हुए गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया।
परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल और स्थानीय पारंपरिक व्यंजन पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार की आत्मीय मेहमाननवाजी की प्रशंसा की।
बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान रक्षाबंधन के पावन पर्व की भावना भी इस आत्मीय मुलाकात का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। जनजातीय समुदाय की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सम्मान और स्नेह का संदेश दिया।
लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से भी आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने परिवार की महिलाओं और बेटियों का हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान नन्हे शिवांश को मुख्यमंत्री ने विशेष स्नेह-दुलार दिया। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद भोजन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से चर्चा की।
उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है।
उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है।
इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।