मेले और उत्सव होते हैं मेल-मिलाप, आत्मीयता और सांस्कृतिक एकता के आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | रजत जयंती वर्ष में सजा मालवा उत्सव मुख्यमंत्री ने की आयोजकों को 5 लाख रुपये देने की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मालवा उत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि मेल-मिलाप, आत्मीयता और सांस्कृतिक एकता का मंच है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष आयोजित होने वाला यह उत्सव आज अपनी रजत जयंती मना रहा है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से देश की सांस्कृतिक विविधता को एकता के सूत्र में पिरो रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में लोक संस्कृति मंच द्वारा आयोजित मालवा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालवा उत्सव के उत्साहपूर्ण माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि भांगड़ा, गरबा और अन्य लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों ने ऐसा वातावरण बना दिया मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो।
रजत जयंती वर्ष में आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। आयोजन से छोटे दुकानदारों को मिलता है मार्केट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा उत्सव जैसे आयोजन छोटे कलाकारों, हस्तशिल्पियों, दुकानदारों, ठेले एवं झूला संचालकों सहित अनेक लोगों के रोजगार और अर्थतंत्र को भी मजबूती देते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों आयोजनों "मालवा उत्सव और मैंगो जत्रा" को सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक संस्कृति मंच के रजत जयंती वर्ष के आयोजन की सराहना करते हुए संस्था को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
लोक नर्तकों ने पारंपरिक नृत्य कर किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर लोक नृत्य दलों द्वारा पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में गरबा, भांगड़ा, बधाई सहित विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। उत्सव में विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, कलाकृतियों एवं मालवा सहित अन्य क्षेत्रों के लजीज व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र हैं।
देवगढ़-रत्नागिरी के हापुस आमों से महका इंदौर का मालवा बाजार मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार परिसर में मराठी सोशल ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “मैंगो जत्रा” में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और आम उत्पादक किसानों से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की।
साथ ही उन्होंने आमों की विशेषताओं के बारे में जाना। तीन दिवसीय इस विशेष आयोजन में महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ के प्रसिद्ध हापुस (अल्फांसो) आमों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष “किसान कल्याण वर्ष” मना रही है।
उन्होंने कहा कि देवगढ़ और रत्नागिरी के हापुस आम, जिसकी देशभर में धाक और साख है, उनका माँ अहिल्या की नगरी इंदौर में मालवा के बाजार तक पहुंचना आंतरिक एकात्मता का भी प्रतीक है। 24 आम उत्पादक किसानों को 11-11 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 आम उत्पादक किसानों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
किसानों ने बताया कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से मैंगो जत्रा में आम लेकर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलता है और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण और ताजे उत्पाद उपलब्ध होते हैं।
मैंगो जत्रा जैसे आयोजन शहर की सांस्कृतिक विविधता को करते हैं समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैंगो जत्रा जैसे आयोजन शहर की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सहभागिता को नई पहचान देते हैं।
उन्होंने कहा कि मैंगो जत्रा में उत्पादकों द्वारा सीधे ग्राहकों तक देवगढ़ और रत्नागिरी के प्रसिद्ध हापुस आम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्राहकों को खेत से सीधे ताजे आम खरीदने का अवसर मिल रहा है। आम से बने व्यंजन और हस्त निर्मित उत्पाद बनी आकर्षण का केन्द्र मैंगो जत्रा में आम से बने आइसक्रीम, शेक, मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक पहुंच रहे हैं।
जत्रा में हाथों से तैयार किए गए मसाले, अचार, पापड़, आम की चटनी, आमरस, जैम, स्क्वैश, कैंडी तथा आम से बने विभिन्न खाद्य उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। साथ ही खादी के वस्त्र और हस्तनिर्मित उत्पाद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शित किए गए हैं। आयोजन स्थल पर उत्पादों की खरीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रमों में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, सांसद श्री शंकर लालवानी, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री श्रवण चावड़ा, मराठी सोशल ग्रुप के श्री सुधीर दाण्डेकर, श्रीमती तृप्ति महाजन, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा तथा नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, किसान, उद्यमी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।