Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
वैष्णो देवी में 500 करोड़ की चांदी चोरी का मामला: अदालत ने मांगा पूरा रिकॉर्ड, FIR पर उठे गंभीर सवालसंविधान की आत्मा से अदालत की मर्यादा तक... CJI सूर्यकांत और पूर्व CJI बीआर गवई ने न्याय व्यवस्था पर दिया संदेशपाकिस्तानी गैंगस्टर का सोशल मीडिया जाल: पुणे में ATS का एक्शन, 66 लोगों से की गई पूछताछ17 दिनों से अनशन पर सोनम वांगचुक, 8.5 KG घटा वजन; जानिए अब आगे क्या है CJP का प्लान?प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति | कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना 2031 तक निरंतर रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध करापहलगाम हमला: NIA कोर्ट ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया; कहा- जांच के लिए गिरफ्तारी जरूरीबंगाल के बर्धमान में आयकर की रेड, किशोलॉय चिल्ड्रेन हॉस्पिटल और राइस मिल के खंगाले गये दस्तावेजमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रज्जू भैया को श्रद्धांजलि अर्पित कीबीरभूम में बदले सियासी समीकरण: अनुब्रत और काजल एक मंच पर, असमंजस में कार्यकर्तामहंगी हो रही LPG! ईरान युद्ध के असर के बीच एलपीजी को लेकर अलर्टमौसम : बिहार-बंगाल में होगी भारी बारिश, झारखंड में भी अलर्ट, जानें अन्य राज्यों का हालज्ञानपीठ जीतने के बाद वैरामुथु का दर्द छलका, बोले- अनुवाद की कमी ने तमिल साहित्य को दुनिया से दूर रखाSC में पेंडिंग 93000 केसों का जल्द होगा निपटारा: CJI सूर्यकांत ने बनाई 4 स्पेशल बेंच, अब तेजी से होगा लंबित मामलों पर सुनवाईमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दी बधाईजीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा

जनसहयोग से जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बना है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | नदियां हमारी प्रत्यक्ष शक्तियां हैं : दादा गुरू साधक और शासक समाज के बीच कार्य करते हैं, तो मिलते हैं श्रेष्ठ परिणाम : श्री आर्य रवीन्द्र भवन में हुई नर्मदा चिंतन बौद्धिक

MPINFO
MP Info 15 मई 2026, 10:00 pm
जनसहयोग से जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बना है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | नदियां हमारी प्रत्यक्ष शक्तियां हैं : दादा गुरू साधक और शासक समाज के बीच कार्य करते हैं, तो मिलते हैं श्रेष्ठ परिणाम : श्री आर्य रवीन्द्र भवन में हुई नर्मदा चिंतन बौद्धिक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पानी को बचाने और सहेजने के लिए सरकार के साथ ही आम नागरिक भी सजग और सक्रिय हैं। इसी कारण मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार द्वारा करवाए गए जल संरक्षण और जन संचयन के कार्यों में अग्रणी राज्य है। नर्मदा मिशन जैसी संस्थाएं जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही हैं।

मध्यप्रदेश में सभी शासकीय विभाग पानी बचाने और लोगों को जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए मिलकर कार्य करने की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने परिसर स्थल में देशी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बाल चित्रकार श्री विक्रम लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मां नर्मदा का चित्र भेंट किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में नर्मदा चिंतन बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर श्री दादा गुरु भगवान ने प्रवचन द्वारा मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और दादा गुरु ने स्मित अपराजिता की पुस्तक "समर्थ दृष्टि: साधना के शिखर" का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न श्रेष्ठ सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों को समर्थ नर्मदा अलंकरण प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कुंए, बावड़ियां, पोखर, नहर और अन्य जल स्त्रोतों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य चल रहे हैं।

गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां आगामी 30 जून तक निरंतर चलेंगी। इतनी लंबी अवधि के इस अभियान का उद्देश्य जल संरचनाओं को उपयोगी बनाना और पानी के प्रति जन जागृति बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है।

प्रदेश में अनेक त्यौहार भी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर मनाए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास और विरासत के संरक्षण के आहवान पर मध्यप्रदेश अमल कर रहा है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नदियों के उद्गम स्थलों के अवलोकन और उन्हें उपयोगी बनाए रखने की दिशा में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग कार्य कर रहा है।

ऐसे प्रयासों में सराहनीय जनभागीदारी मिल रही है। वरिष्ठ राष्ट्रवादी विचारक श्री गोपाल आर्य ने कहा कि हमारे देश में अमृता देवी जैसी महिलाएं हुई हैं, जो वृक्षों को बचाने के लिए बलिदान से भी पीछे नहीं हटी। साधक और शासक जब समाज के बीच में रह कर कार्य करते हैं तो श्रेष्ठ परिणाम सामने आते हैं।

कार्यक्रम में दादा गुरू ने कहा कि भारत की संस्कृति ने दुनिया को दर्शन दिया है। हमारी प्रकृति यह संकेत दे रही है कि हम सभी मिलकर पर्यावरण की चिंता करें। हमारी नदियां हमारी शक्ति है। गंगा-यमुना-नर्मदा जल के रूप में प्रवाहित होने वाली प्रत्यक्ष शक्तियां हैं।

नर्मदा पथ व्यक्तित्व निर्माण का पथ है। दादा गुरू ने मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में हो रहे कार्य की प्रशंसा की। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने प्रदेश में जनसहयोग से जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्यों का विवरण दिया। कार्यक्रम में खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया, विधायक श्री भगवानदास सबनानी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

Source:MP Info
Ad

ताज़ा खबरें

वैष्णो देवी में 500 करोड़ की चांदी चोरी का मामला: अदालत ने मांगा पूरा रिकॉर्ड, FIR पर उठे गंभीर सवाल
राष्ट्रीय

वैष्णो देवी में 500 करोड़ की चांदी चोरी का मामला: अदालत ने मांगा पूरा रिकॉर्ड, FIR पर उठे गंभीर सवाल

संविधान की आत्मा से अदालत की मर्यादा तक... CJI सूर्यकांत और पूर्व CJI बीआर गवई ने न्याय व्यवस्था पर दिया संदेश
राष्ट्रीय

संविधान की आत्मा से अदालत की मर्यादा तक... CJI सूर्यकांत और पूर्व CJI बीआर गवई ने न्याय व्यवस्था पर दिया संदेश

पाकिस्तानी गैंगस्टर का सोशल मीडिया जाल: पुणे में ATS का एक्शन, 66 लोगों से की गई पूछताछ
राष्ट्रीय

पाकिस्तानी गैंगस्टर का सोशल मीडिया जाल: पुणे में ATS का एक्शन, 66 लोगों से की गई पूछताछ

17 दिनों से अनशन पर सोनम वांगचुक, 8.5 KG घटा वजन; जानिए अब आगे क्या है CJP का प्लान?
राष्ट्रीय

17 दिनों से अनशन पर सोनम वांगचुक, 8.5 KG घटा वजन; जानिए अब आगे क्या है CJP का प्लान?

प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति | कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना 2031 तक निरंतर रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध करा
मध्यप्रदेश

प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति | कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना 2031 तक निरंतर रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध करा