नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द
**नीमच/रामपुरा/मनासा।
किसानों को उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई नई ई-विकास प्रणाली की अनदेखी करना अब विक्रेताओं को भारी पड़ रहा है। मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, भोपाल के निर्देशों के बावजूद बिना ई-टोकन उर्वरक वितरण करने वाले तीन विक्रेताओं पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके पंजीयन (रिटेलर आईडी) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, दिनांक 12 अप्रैल 2026 को निम्नलिखित विक्रेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना ई-टोकन उर्वरक विक्रय किया गया—
अंकुश कृषि सेवा केन्द्र, रामपुरा
मारू ट्रेडर्स, कुकड़ेश्वर
श्री बीज भंडार, मनासा
बताया गया है कि विभाग द्वारा पहले ही कार्यालयीन पत्र (दिनांक 6 अप्रैल 2026) के माध्यम से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि बिना ई-टोकन किसी भी स्थिति में उर्वरक का वितरण नहीं किया जाए। इसके बावजूद नियमों की अवहेलना सामने आने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने इसे उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 का उल्लंघन मानते हुए संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विक्रेता 7 दिवस के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है ई-विकास प्रणाली?
यह प्रणाली किसानों को उर्वरक वितरण को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई है, जिसमें ई-टोकन के माध्यम से ही खाद का वितरण किया जाता है, ताकि कालाबाजारी और अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।
प्रशासन का संदेश:
नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं होगी
किसानों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ दिलाना प्राथमिकता
दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है और प्रशासन की सख्ती साफ** नजर आने लगी है।