Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
मालदा में NIA का बड़ा एक्शन : कांग्रेस के 2 नेता गिरफ्तार, मोथाबाड़ी प्रत्याशी से रातभर हुई पूछताछअवैध संबंध में बाधा बना युवक, गला घोंटकर हत्या—शव जलाकर खेत व कुएं में फेंका, ग्रामीणों का चक्का जामनियमों की अनदेखी पड़ी भारी, तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्दयूपी-बिहार नहीं ये बंगाल है, यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, दुर्गापुर में भाजपा पर बरसीं ममता बनर्जीनारी शक्ति वंदन सम्मेलन का सीधा प्रसारण सम्‍पूर्ण नीमच जिले में देखा गयासभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में सिटी फारेस्‍ट के लिए स्‍थल चिन्हित कर पौधारोपण करवाए-श्री चंद्रारामपुरा महाविद्यालय में शिक्षक से अभद्रता पर बवाल: NSUI ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कीबीरभूम में गरजे अमित शाह- TMC के पाप का घड़ा भर गया, 4 मई के बाद सूद समेत होगा हिसाबअत्याचार निवारण अधिनियम के प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें- श्री बी.एस.कलेश//जल गंगा संवर्धन अभियान// सभी स्‍कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जनजागरूकता के लिए जल चौपाल आयोजित की जाए- श्री चंद्राडॉ.भीमराव अम्‍बेडकर जयंती पर जिला स्‍तरीय समारोह सह हितग्राही सम्‍मेलन्‍न आजजल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण एवं दीवार लेखन के माध्‍यम से जागरूकता संदेश का प्रचार प्रसारजल गंगा संवर्धन अभियान जल स्त्रोत सेवा समागम कार्यक्रमLaw Prep Tutorial दिल्ली ने CLAT और एलिट टॉपर्स को किया सम्मानित, 400 छात्रों को कुल 1 करोड़ के पुरस्कारलोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ रूपये की स्वीकृति | सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति पंचायत एवं ग्रामीण विकास की यो

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द

Author
Mukesh Rathor 13 अप्रैल 2026, 08:13 pm
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द
**नीमच/रामपुरा/मनासा। किसानों को उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई नई ई-विकास प्रणाली की अनदेखी करना अब विक्रेताओं को भारी पड़ रहा है। मध्यप्रदेश शासन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, भोपाल के निर्देशों के बावजूद बिना ई-टोकन उर्वरक वितरण करने वाले तीन विक्रेताओं पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके पंजीयन (रिटेलर आईडी) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, दिनांक 12 अप्रैल 2026 को निम्नलिखित विक्रेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना ई-टोकन उर्वरक विक्रय किया गया— अंकुश कृषि सेवा केन्द्र, रामपुरा मारू ट्रेडर्स, कुकड़ेश्वर श्री बीज भंडार, मनासा बताया गया है कि विभाग द्वारा पहले ही कार्यालयीन पत्र (दिनांक 6 अप्रैल 2026) के माध्यम से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि बिना ई-टोकन किसी भी स्थिति में उर्वरक का वितरण नहीं किया जाए। इसके बावजूद नियमों की अवहेलना सामने आने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने इसे उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 का उल्लंघन मानते हुए संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विक्रेता 7 दिवस के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्या है ई-विकास प्रणाली? यह प्रणाली किसानों को उर्वरक वितरण को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई है, जिसमें ई-टोकन के माध्यम से ही खाद का वितरण किया जाता है, ताकि कालाबाजारी और अनियमितता पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन का संदेश: नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं होगी किसानों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ दिलाना प्राथमिकता दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है और प्रशासन की सख्ती साफ** नजर आने लगी है।
Ad

ताज़ा खबरें