'हम सैनिक नहीं, फिर हमें क्यों मार रहे हो?' ईरान में फंसे भारतीय नाविकों का दर्द; केवल हमको ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
Indian Seafarers Attacked: अमेरिका और ईरान की लड़ाई में भारतीय नाविकों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? यह सवाल भारत के नाविकों ने उठाया है. उन्होंने कहा कि वे न तो सैनिक हैं और न ही उन्हें युद्ध की ट्रेनिंग मिली है. वह समुद्र में व्यापार करते हैं, देश का बिजनेस बढ़ाते हैं, लेकिन उन पर हमले हो रहे हैं.
बीते दिनों भारत के तीन नाविक पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में मारे गए. इसके बाद भारत ने अमेरिका से कड़ी आपत्ति जताई. भारत में राजदूत को तलब किया गया, तो वहीं भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन लगाया. अगले दिन अमेरिका ने उल्टा भारत को ज्ञान दिया कि कमर्शियल जहाजों के लिए होर्मुज बंद है और अमेरिकी आदेश का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
लेकिन सवाल यह है कि केवल भारतीय जहाजों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? भारतीय नाविकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें तीन नाविक अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं. इसमें पहला नाविक कहता है कि सीफेयरर्स पर अटैक हो रहे हैं, इस पर हम लोग वीडियो बना रहे हैं.
इस पर दूसरे नाविक से वह घटना का बयान करने के लिए कहता है. इस पर नाविक कहता है, भाई अभी हम लोग ईरान में हैं. माहौल इतना खराब है, सिर्फ इंडियन शिपों पर अटैक हो रहा है. क्यों भाई आप दोनों की लड़ाई में हमको क्यों बीच में ला रहे हो? उसका इशारा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की ओर था.
उसने आगे कहा, हम मिलिट्री से नहीं हैं. हमें युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है. हम नाविक हैं, बिजनेस कर रहे हैं, देश की इकॉनमी बढ़ा रहे हैं, ऑयल ला रहे हैं, तो हमारे ऊपर क्यों अटैक कर रहे हो? हमारी क्या गलती है? हम कांट्रैक्ट पर काम करते हैं. हम लोगों की क्या गलती है.
उसने आगे कहा कि भारत के 13 लाख नाविक हैं. अभी अटैक हो रहे हैं. अभी कल एक शिप पर अटैक हुआ था. मैं उस शिप पर था. कैप्टन ने भी कहा कि हम पर क्यों अटैक हो रहा है. इसके बाद उन्होंने फिर दोहराया कि भारतीय शिप और नाविकों पर ही क्यों अटैक हो रहे हैं. Indian seafarers on a vessel ask – "Why target ONLY us? We are not trained like the military.
We just contribute to the economy by helping in transport and shipping". They then repeat – "Why are only Indians being targeted?" pic.twitter.com/9JdL2Fu2YH — Shreya Upadhyaya (@ShreyaOpines) June 14, 2026 एक और नाविक की गई जान ईरान और अमेरिका की लड़ाई में भारतीय क्रू मेंबर वाले जहाज सेटेबेलो में तीन भारतीयों की मौत हो गई.
इसमें डेक कैडेट आदित्य शर्मा, चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया शामिल हैं. इन सभी की मौत की खबर के बाद एक और भारतीय नाविक की मौत की सूचना आई. ओमान में ही MT सेलेस्टियल जहाज पर तमिलनाडु के सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथ की मौत की खबर आई.
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क्रू मेंबर्स के पास बर्फ नहीं है, ऐसे में उनका शव वहीं पड़े-पड़े खराब हो रहा है. जहाज के कैप्टन ने एक वीडियो जारी करते हुए मदद की गुहार लगाई है. उनके शव को बचाने के लिए क्रू मेंबर्स ठंडे पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे हैं. पश्चिम एशिया संकट की वजह से समुद्री नाविकों को किस तरह की मानवीय संकटों से गुज़रना पड़ रहा है! ओमान तट के पास से MT Celestial के कैप्टन की मदद की पुकार 35 साल के सेकंड ऑफिसर तमिलनाडु के निशांत उर्थनाथन 11 जून को बहुत बीमार पड़ने के बाद गुज़र गए। उनकी बॉडी 2 दिन से ज़्यादा… pic.twitter.com/F5jHWtbVAz — Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) June 14, 2026 हालांकि, निशांत की मौत किसी हमले में नहीं बल्कि गंभीर बीमारी की वजह से 11 जून को हुआ था.
लेकिन होर्मुज में चल रही नाकेबंदी की वजह से समय पर मदद नहीं मिल पाई. ओमान के मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि निशांत के शव को लाने के लिए उचित उपाय किए जा रहे हैं. दूतावास जहाज का संचालन करने वाली कंपनी के साथ संपर्क बनाए हुए है. अमेरिका और ईरान के इस युद्ध में अब तक अलग अलग जगहों पर 13 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है..