Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
कौन थी नर्स सरला भट्ट और क्यों हुई थी श्रीनगर में हत्या? 36 साल बाद मिला जवाबमौसम: यूपी में होगी भारी बारिश, दिल्ली में बूंदाबांदी, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हालदिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी माफ, बस करना होगा यह काममुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में स्वयं के बनाये हुए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं : केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री जोशी देश में अपनी तरह की अनूठी 440 मेगमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे | 11,470 करोड़ की ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना से होगा 1920 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को मिलेगी नई गतिमुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले के 352 करोड़ रूपये के विकास कार्यो का करेंगे लोकार्पण | मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भैंसवामाता में करेंगे जल गंगा संवर्धन अभियान का समापनमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का एरियल सर्वे कियाहरित विकास, निवेश और रोजगार... इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश नीमच बन रहा ग्रीन पावर का ग्लोबल कैपिटल मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने किया नीमच एवमुख्‍यमंत्री डॉ.यादव का नीमच आगमन पर आत्‍मीय स्‍वागतमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच में 1,554 करोड़ की 38 औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कियामुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने नीमच में 3949 करोड से अधिक के 162 विकास एवं निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कियाउत्तर प्रदेश में विमान की क्रैश-लैंडिंग, महिला पायलट सुरक्षितपुणे में 3 साल की बच्ची से दरिंदगी: 65 साल के दोषी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजाअभिषेक बनर्जी को फिर लगा झटका, तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाई कोर्ट का इनकारपुणे मर्डर : 'बैठने का इशारा' और सिया की सुरक्षा का प्लान, क्राइम सीन री-क्रिएशन में हुआ ये खुलासा

Diwali 2023: बनाना चाहते हैं अपनी दिवाली को सुरक्षित और खुशहाल, तो इन बातों का रखें ख्याल

Author
Admin Malwa First 04 नवंबर 2023, 12:47 pm
Diwali 2023: बनाना चाहते हैं अपनी दिवाली को सुरक्षित और खुशहाल, तो इन बातों का रखें ख्याल

दिवाली का त्योहार हर्षोल्लास से भरा होता है। इस दिन हम सभी मिलकर दीए जलाते हैं मिठाई खाते हैं और खूब सारी मस्ती करते हैं। लेकिन अगर दीपों के इस त्योहार पर कुछ सावधानियां न बरती जाए तो यह आपके जीवन को अंधकार से भी भर सकता है। जानें दिवाली मनाते समय किन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रख अपनी दिवाली को खुशहाल बना सकते हैं।

नई दिल्ली। Diwali 2023: दिवाली का असली मजा तभी आता है, जब अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मनाई जाए। सभी लोग एक साथ इकट्ठा होकर पूजा करते हैं, दीए जलाते हैं, पकवान खाते हैं, गेम्स खेलते हैं और खूब सारी गपशप करते हैं। लेकिन आपकी दिवाली ऐसे ही खुशहाल रहे, इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ सावधानियों का ध्यान रखें। आज हम आपको यहीं बताना चाहते हैं कि दिवाली मनाते समय क्या एहतियात बरतने चाहिए।

  • दीए और मोमबत्ती जलाते समय इस बात का ध्यान रहे कि वे किसी भी बिजली के समान या तार के पास न हो।
  • घर की सीढ़ियों, दरवाजों, और पर्दों से दूर दिए जलाएं। सीढ़ियों पर दीए जलाने से कपड़ों में आग लग सकती है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि दीए को किसी समतल जगह पर रखें ताकि वह गिरे नहीं।

  • सिंथेटिक कपड़ों को पहने से बचें। यह कपड़े जल्दी आग पकड़ते हैं। साथ ही अगर आप शरारा, लहंगा या गाउन पहन रहें हैं, तो दीए, पटाखों के ज्यादा पास न जाएं। इससे आग पकड़ने जैसी दुर्घटना होने का खतरा रहता है।
  • अपने बच्चों को लहंगे, गाउन जैसी ड्रेसेज न पहनाएं। इनमें आग लग सकती है। अगर आप अपने पेट्स को भी कोई ड्रेस पहनाते हैं, तो ध्यान रखें कि वह ज्यादा लूज न हो और बहुत फैला हुआ नहीं हो।
  • कोशिश करें कि पटाखे न जलाएं, लेकिन अगर जला रहें है, तो बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। पटाखे जलाते समय अपनी फर्स्ट एड किट तैयार रखें।
  • पटाखों को बालकनी, सीढ़ियों, घर के गलियारे आदि में न जलाएं। इससे दुर्घटना हो सकती है। पटाखे हमेशा खुली जगह पर जलाएं।
    • पटाखे जलाते समय बच्चों को सिखाएं कि इन्हें दूर से जलाएं, जलते पटाखों को चेक करने के लिए उनके पास न जाएं और पटाखों को हाथ में रख कर न जलाएं।
    • एल्कोहल या सैनिटाइजर के हाथों से दीए, मोमबत्ती, आदि न जलाएं। एल्कोहल आग जल्दी पकड़ता है। इसलिए इससे आपका हाथ जलने या आग लगने का जोखिम रहता है।
    • बच्चों, बूढ़ों और पालतू जानवरों को बाहर न भेजें। पटाखों के शोर और धुंए की वजह से उन्हें तकलीफ हो सकती है।
    • बच्चों और पेट्स को दीए और मोमबत्ती के पास न जाने दें।
    • जले हुए पटाखों को एक पानी से भरी बाल्टी में डालें ताकि उनमें अगर आग बची भी हो, तो बुझ जाए। अक्सर जले हुए पटाखों को हम यूं ही छोड़ देते हैं, जिनसे आग लगने की दुर्घटना भी हो सकती है।
    • इमरजेंसी नंबर अपने पास तैयार रखें। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसे कुछ इमरजेंसी नंबर रेडी रखें कि अगर जरूरत पड़े, तो जल्द से जल्द आप इन नंबरों पर कॉल कर, मदद ले सकें।
Ad

ताज़ा खबरें

कौन थी नर्स सरला भट्ट और क्यों हुई थी श्रीनगर में हत्या? 36 साल बाद मिला जवाब
राष्ट्रीय

कौन थी नर्स सरला भट्ट और क्यों हुई थी श्रीनगर में हत्या? 36 साल बाद मिला जवाब

मौसम: यूपी में होगी भारी बारिश, दिल्ली में बूंदाबांदी, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल
राष्ट्रीय

मौसम: यूपी में होगी भारी बारिश, दिल्ली में बूंदाबांदी, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल

दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी माफ, बस करना होगा यह काम
राष्ट्रीय

दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी माफ, बस करना होगा यह काम

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में स्वयं के बनाये हुए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं : केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री जोशी देश में अपनी तरह की अनूठी 440 मेग
मध्यप्रदेश

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में स्वयं के बनाये हुए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं : केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री जोशी देश में अपनी तरह की अनूठी 440 मेग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे | 11,470 करोड़ की ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना से होगा 1920 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को मिलेगी नई गति
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे | 11,470 करोड़ की ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना से होगा 1920 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को मिलेगी नई गति