सफलता_की_कहानी संत रविदास स्वरोजगार योजना से मिली नई पहचान, मसाला उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनीं राधा यादव
शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण नीमच सिटी के वार्ड क्रमांक 5 निवासी राधा यादव हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश शासन की संत रविदास स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर अपना मसाला उद्योग स्थापित किया और आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। राधा यादव को जिला अंत्यावसायी कार्यालय, नीमच के माध्यम से संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत यूको बैंक, नीमच शाखा से 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने घर पर लघु मसाला उद्योग की शुरुआत की। आज उनका उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वे प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर रही हैं। राधा बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे घर का खर्च चलाना और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन था। लेकिन स्वरोजगार शुरू होने के बाद परिवार की आय में निरंतर वृद्धि हुई है। अब वे अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों तथा भविष्य की बचत पर भी ध्यान दे पा रही हैं। राधा ने अपने उद्योग के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिला है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। संत रविदास स्वरोजगार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण एवं शासन की सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सकें। राधा यादव इस उपलब्धि का श्रेय मध्यप्रदेश शासन की जनहितकारी योजनाओं, जिला प्रशासन, जिला अंत्यावसायी कार्यालय तथा यूको बैंक को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आर्थिक मजबूती का संचार किया है।