जनगणना 2027: ‘स्व-गणना’ सुविधा से सुलभ होगी नागरिकों के लिए जनगणना की प्रक्रिया
33 सवालों से निर्धारित होगा जनगणना का लेखा जोखा जनगणना के इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते सेल्फ एन्यूमेरेशन की व्यवस्था भी दी जा रही है। 'स्व-गणना' (सेल्फ एन्यूमेरेशन- एसई) की विधि के माध्यम से सामान्य परिवार के उत्तरदाता को एक सुरक्षित वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस सुविधा से विशेष रूप से सेवा कामकाजी और व्यस्त परिवारों को सहायता मिल सकेगी जो सुबह से अपने काम पर निकल जाते हैं। इससे यह सेवा कार्यों को सुगम बनाती है तथा आँकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित करता है। स्व-गणना (SE) के बावजूद प्रगणक का क्षेत्रीय दौरा अनिवार्य रहेगा। प्रगणक द्वारा भी SE डेटा का सत्यापन अनिवार्य है। 16 अप्रैल से se.census.gov.in पोर्टल पर नागरिकों को ओटीपी और मोबाइल नंबर लॉगिन से सुरक्षित और सरल पहुंच मिलेगी जिससे वो अपने आप ही समस्त जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध इंटरफेस पर दर्ज कर सकेंगे। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक की अवधि में जानकारी दर्ज करने के उपरांत उसे सबमिट करने पर आपके मोबाइल नंबर पर एक सेल्फ एन्यूमेरेशन (SE) आईडी प्राप्त होगी, जिसे 1 मई के उपरांत घर पहुंच सर्वे के लिए आने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा जिसके पश्चात सेल्फ एन्यूमेरेशन की जानकारी को प्रगणक द्वारा पुष्टि कर उसे फ्रीज़ किया जाएगा। इससे नागरिकों के समय की बचत होगी और प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की जटिलता का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से एकदम सटीक डाटा पोर्टल पर दर्ज करने के साथ ही प्रगणक को भी उपलब्ध कराए जाने की अपील की गई है। 01 से 30 मई 2026 की अवधि में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्यवाही की जाएगी। जनगणना 2027 के दौरान 33 सवालों के आधार पर नागरिकों से जानकारी प्राप्त कर उसे अद्यतन की जाएगी। जनगणना के दौरान मुख्य रूप से आवास, पेयजल, शौचालय, रसोई के लिए उपलब्ध ईंधन, बिजली, मोबाइल, इंटरनेट, वाहन जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। नागरिकों के सक्रिय मोबाइल नंबर का उपयोग केवल जनगणना संबंधी संचार के लिए ही किया जाएगा। नागरिकों द्वारा उपलब्ध जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय रहेगी।