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ईरान युद्ध में भारत के पश्चिमी तट का इस्तेमाल करेगा अमेरिका? जानिए वायरल खबर की सच्चाई

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Prabhat Khabar 21 मार्च 2026, 08:35 am
ईरान युद्ध में भारत के पश्चिमी तट का इस्तेमाल करेगा अमेरिका? जानिए वायरल खबर की सच्चाई
Fact Check MEA : क्या अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने से पहले भारत से अपने इलाके का इस्तेमाल करने देने की इजाजत मांगी थी? क्या आपने भी यह वायरल खबर पढ़ी है और आपके मन में भी यह शंका है कि अमेरिका ने भारत से अपनी जमीन का उपयोग ईरान के खिलाफ करने देने की बात कही थी, तो आप यह खबर जरूर पढ़ें. विदेश मंत्रालय ने बताया वायरल खबर का सच Fake News Alert! Please stay alert against such false and baseless claims and posts on social media! pic.twitter.com/oKRc2kefAo — MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 21, 2026 इंटरनेट पर वायरल हुई खबर के बारे में विदेश मंत्रालय ने फैक्टचेक किया है और उस खबर को गलत बताया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन के लिए भारतीय इलाके का इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी. इस फैक्टचेक को विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है. कैसे वायरल हुई यह खबर? सुजान दत्ता नाम के एक पत्रकार ने अपने एक्स हैंडल पर यह दावा किया था कि लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट के तहत अमेरिका भारत के पश्चिमी तट यानी कोंकण के इलाके का उपयोग ईरान पर हमले के लिए करेगा. भारत और अमेरिका के बीच जो समझौता हुआ है उसके तहत दोनों देश एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं (bases, fuel, supplies) का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन वह युद्ध के लिए नहीं है, बल्कि सपोर्ट के लिए है. हालांकि विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज कर दिया और यह स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. सोशल मीडिया में प्रसारित यह खबर एक फेक न्यूज है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है. विदेश मंत्रालय ने एक अलर्ट भी जारी किया जिसमें यह कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों और पोस्ट से अलर्ट रहें! विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट क्या है? भारत और अमेरिका के बीच 2016 में एक द्विपक्षीय समझौता हुआ था, जिसके तहत यह दोनों देशों की आर्म्ड फोर्सेस को रीफ्यूलिंग, रिपेयर, सप्लाई और आराम के लिए एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकती है. इसके एवज में दोनों देश बाद में इसकी कीमत यानी पैसा भी चुकता करेंगे. ये भी पढ़ें : कनाडा जा रहा एयर इंडिया का विमान, 7 घंटे हवा में रहने के बाद क्यों वापस दिल्ली लौटा? अमेरिका के घमंड स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को निशाना बनाने वाला पहला देश बना ईरान? ट्रंप और नेतन्याहू के बीच पड़ी दरार, क्या होगा ईरान युद्ध का परिणाम?.
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