2013 रेप केस: तरुण तेजपाल को 2 हफ्ते में सरेंडर का आदेश, राहत से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने और सरेंडर सर्टिफिकेट कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है. सिब्बल की सरेंडर से छूट की मांग खारिज मामले की सुनवाई जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने की.
तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि 62 वर्षीय तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट में उनकी अपील पर सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध होने से पहले सरेंडर करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, पीठ ने उनकी यह मांग खारिज कर दी. ये भी पढ़ें: NCPI में शामिल हुए 20 सांसदों के खिलाफ नोटिस, तृणमूल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मांगा पक्ष सर्टिफिकेट जमा हुआ तो 22 सितंबर को अपील लिस्ट होगी कोर्ट ने कहा कि अगर तेजपाल 22 सितंबर तक सरेंडर सर्टिफिकेट जमा कर देते हैं, तो उनकी बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील को उसी दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी. ये भी पढ़ें: JPSC धांधली मामले में पांच आरोपियों की बेल पर सुनवाई, CID ने कोर्ट में सौंपी 1000 पन्नों की केस डायरी तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उनकी उस मांग को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें उन्होंने अपील पर सुनवाई शुरू होने से पहले सरेंडर करने से छूट मांगी थी..