सोनम वांगचुक आज तोड़ेंगे भूख हड़ताल, पहले सरकार को माननी होंगी 3 शर्तें
सोनम वांगचुक ने एक और मैसेज जारी करके कहा कि वे अपना लंबा भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को उनकी तीन शर्तें माननी होंगी. वांगचुक का कहना है कि अगर केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया गड़बड़ियों, खासकर परीक्षा के कथित पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है और जवाबदेही तय करती है, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे.
वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार उनकी पहली मांग नहीं मानती है, तो उन्हें और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपनी मांगें सीधे सांसदों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के सामने रख सकें. अपने समर्थकों के नाम जारी मैसेज में सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर मैं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता संसद तक पहुंच जाते हैं और वहां अलग-अलग दलों के सांसद व नेता हमें भरोसा दिलाते हैं कि वे अब हमारे मुद्दे को संसद में उठाएंगे, तो मैं अपना फैसला बदलने पर विचार करूंगा.
ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक का ताजा हेल्थ अपडेट: डॉक्टरों ने बताया अब कैसी है उनकी स्थिति तीसरी शर्त क्या रखी वांगचुक ने सोनम वांगचुक ने तीसरी शर्त भी बताई. उन्होंने कहा कि अगर उनकी तबीयत या किसी दूसरी वजह से वे संसद नहीं जा पाते हैं, तो अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें भरोसा दें कि वे उनके मुद्दों को संसद में उठाएंगे.
ऐसी स्थिति में भी वह अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे. सफदरजंग अस्पताल में उनकी इच्छा के खिलाफ रखा गया : वांगचुक सोमवार (20 जुलाई) से संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है. इसी बीच सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी अपने मैसेज में कहा कि उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उनकी इच्छा के खिलाफ रखा गया है.
उन्होंने इसे "गैरकानूनी हिरासत" बताया. वांगचुक का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर अब भी डटे हुए हैं और सरकार से जवाब का इंतजार कर रहे हैं..