रथ यात्रा के दौरान कैसा रहेगा मौसम? IMD ने ओडिशा और पुरी के लिए जारी किया अलर्ट; स्कूल बंद
Rath Yatra Weather Update: आईएमडी ने गुरुवार को भारी बारिश का अनुमान जताया है. पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के लिए ‘रेड वार्निंग’जारी की है. मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए, पुरी जिला प्रशासन ने बुधवार को निजी स्कूलों सहित सभी स्कूलों को बंद कर दिया है.
ओडिशा के इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी आईएमडी ने बुधवार के लिए मयूरभंज, क्योंझर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, खुरधा, कटक, नयागढ़, अंगुल, ढेंकनाल, बौध, गंजम और कंधमाल जिले के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा बालेश्वर, देवगढ़, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, बारगढ़, सोनपुर, बलांगीर, नुआपाड़ा, कालाहांडी, रायगढ़ा और गजपति जिले के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है.
आईएमडी ने श्रद्धालुओं को दी सलाह आईएमडी ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि जोरदार बारिश या बिजली गिरने की स्थिति में वे किसी पक्की इमारत में शरण लें, न कि पेड़ों, बिजली के खंभों या अस्थायी ढांचों के नीचे. मछुआरों को समुद्र में न जााने की सलाह समुद्र में हालात खराब से बहुत खराब रहने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 17 जुलाई तक ओडिशा के तटों के पास और समुद्र में न जाएं.
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया. निम्न दबाव के क्षेत्र के अगले दो दिनों में उत्तरी ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदान क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावना है.
पुरी और ओडिशा के अन्य जिलों में दो दिनों से हो रही है बारिश मंगलवार शाम से पुरी तथा ओडिशा के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई. अधिकारियों ने बताया कि पुरी और इस तटीय जिले के अन्य हिस्सों में मंगलवार शाम से बुधवार तड़के तक भारी बारिश हुई. शहर से बारिश का पानी निकालने के लिए अग्निशमन कर्मियों को लगाया गया। 'ग्रैंड रोड' पर भी पानी भर गया, जो भगवान जगन्नाथ मंदिर के सामने की मुख्य सड़क है और उसी रास्ते पर रथ यात्रा के दौरान रथ खींचे जायेंगे.
आईएमडी के अनुसार, बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पुरी शहर में सबसे ज्यादा 143.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई. ये भी पढ़ें: बारिश के पानी से रिचार्ज होगा भूजल, कोलकाता नगर निगम की अनूठी पहल.