अमेरिका में ट्रंप पर हमला: PM मोदी ने जताई चिंता, कहा- लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं
PM Modi: वाशिंगटन डीसी के हिल्टन होटल में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश हुई. शनिवार (स्थानीय समय) को कार्यक्रम के दौरान अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरे होटल में अफरा-तफरी मच गई.
सुरक्षा घेरे में मौजूद सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को सुरक्षित बाहर निकाला. पीएम मोदी ने जताई चिंता, कहा- लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सुरक्षा चूक पर गहरी चिंता जताई है.
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति सुरक्षित हैं. मैं उनकी सुरक्षा और लंबी उम्र की कामना करता हूं. लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए. PM Narendra Modi posts, "Relieved to learn that President Trump, the First Lady and Vice President are safe and unharmed following the recent security incident at a Washington DC hotel.
I extend my best wishes for their continued safety and well-being. Violence has no place in a… pic.twitter.com/Icjlwz9UtY — Press Trust of India (@PTI_News) April 26, 2026 संदिग्ध की तस्वीरें कीं शेयर हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर घटना की जानकारी दी.
उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें हमलावर कार्यक्रम स्थल में घुसने की कोशिश करता दिख रहा है. ट्रंप ने बताया कि एक हथियारबंद शख्स ने जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश की थी, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया. उन्होंने गिरफ्तार किए गए संदिग्ध की तस्वीरें भी साझा की हैं.
सीक्रेट सर्विस का जवान घायल प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने बताया कि हमलावर कई हथियारों के साथ चेकपॉइंट पर पहुंचा था. उसे रोकने की कोशिश में सीक्रेट सर्विस का एक जवान घायल हो गया है. ट्रंप ने कहा, “मैंने उस बहादुर ऑफिसर से बात की है, वह ठीक है. उसकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली.” उन्होंने अधिकारियों की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां तय करेंगी कि कार्यक्रम दोबारा शुरू होगा या नहीं.
व्हाइट हाउस में ‘ड्रोन-प्रूफ’ बॉलरूम बनाने की मांग इस घटना का हवाला देते हुए ट्रंप ने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की बात कही. उन्होंने व्हाइट हाउस में निर्माणाधीन नए बॉलरूम का समर्थन करते हुए कहा, “होटल जैसी इमारतें पूरी तरह सुरक्षित नहीं होतीं.
इसीलिए हम व्हाइट हाउस में एक बड़ा और सुरक्षित बॉलरूम बना रहे हैं, जो ड्रोन-प्रूफ और बुलेटप्रूफ कांच से बना होगा. मिलिट्री और सीक्रेट सर्विस भी इसकी मांग कर रही है.” मेजों के नीचे छिपे लोग एएनआई की रिपोर्टर रीना भारद्वाज, जो खुद उस वक्त वहां मौजूद थीं, उन्होंने बताया कि पहले एक तेज आवाज सुनाई दी, जिसे लोगों ने बर्तन गिरने की आवाज समझा.
लेकिन जब वेटर्स अपनी ट्रे छोड़कर भागने लगे, तो सबको खतरे का अहसास हुआ. लोग जान बचाने के लिए मेजों के नीचे छिप गए. रीना के मुताबिक, ट्रंप को सुरक्षित निकालने के बाद कैबिनेट सदस्य स्कॉट बेसेंट, काश पटेल और पीट हेगसेथ को भी वहां से निकाला गया. जुलाई 2024 में भी हुआ था जानलेवा हमला ट्रंप पर यह पहला हमला नहीं है.
इससे पहले 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर फायरिंग हुई थी. सीक्रेट सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, शाम 6:15 बजे एक हमलावर ने ऊंची जगह से कई राउंड गोलियां चलाई थीं. उस वक्त ट्रंप के कान से खून बहता हुआ देखा गया था और उन्हें तुरंत मंच से सुरक्षित ले जाया गया था.
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