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मुर्शिदाबाद में इफ्तार पार्टी में शामिल हुए अर्धसैनिक बल के 7 जवानों पर गिरी गाज, 2 हिरासत में, 5 का ट्रांसफर

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By: Malwa First Desk

25 मार्च 2026

मुर्शिदाबाद में इफ्तार पार्टी में शामिल हुए अर्धसैनिक बल के 7 जवानों पर गिरी गाज, 2 हिरासत में, 5 का ट्रांसफर

Murshidabad Iftar Party Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर निर्वाचन आयोग पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ मोड में है. मामला मुर्शिदाबाद जिले में चुनाव ड्यूटी पर तैनात अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के 7 जवानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है.

इन जवानों पर स्थानीय स्तर पर आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम में शामिल होने और आतिथ्य सत्कार स्वीकार करने का आरोप है. बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की. 2 जवान हिरासत में, 5 को राज्य से बाहर भेजा निर्वाचन आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सजा सुना दी.

अधिकारी ने बताया कि दोषी पाये गये 7 जवानों में से 2 को केंद्रीय बलों की हिरासत में रखा गया है. शेष 5 जवानों को तत्काल प्रभाव से पश्चिम बंगाल से बाहर ट्रांसफर (Transfer) कर दिया गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी तस्वीरें मामला करीब एक सप्ताह पहले रमजान के दौरान मुर्शिदाबाद के नीमतीता में हुई थी.

इफ्तार का आयोजन एक स्थानीय पंचायत प्रधान के पति ने किया था. इस कार्यक्रम में जवानों के शामिल होने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गयीं. इसके बाद चुनाव आयोग ने इसका संज्ञान लिया. हालांकि, संबंधित जवानों ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनका दावा है कि इफ्तार का आयोजन बीएसएफ (BSF) कैंप के अंदर था और वहां स्थानीय प्रतिनिधियों को बुलाया गया था.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें स्थानीय लोगों से दूरी बनाये रखने के सख्त निर्देश चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को स्थानीय व्यक्तियों के सामाजिक समारोहों में शामिल होने या उनका आतिथ्य स्वीकार करने की अनुमति नहीं है.

आयोग ने कहा कि बलों को अपनी तटस्थता (Neutrality) बनाये रखनी चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे. केंद्रीय बलों पर चुनाव आयोग की पैनी नजर अधिकारी ने बताया कि विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह कार्रवाई की गयी है. आयोग अब इस बात पर कड़ी निगरानी रख रहा है कि केंद्रीय बलों का उपयोग सही ढंग से हो रहा है या नहीं, उनके ‘रूट मार्च’ कैसे हो रहे हैं और जमीनी स्तर पर उनका तालमेल कैसा है.

किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. निर्वाचन आयोग ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लिया है. चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को सामाजिक समारोहों में शामिल होने या स्थानीय व्यक्तियों से किसी भी प्रकार का आतिथ्य सत्कार स्वीकार करने की अनुमति नहीं है.

केंद्रीय बलों को तटस्थ रहना चाहिए और स्थानीय हितधारकों से दूरी बनाये रखनी चाहिए. निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी इसे भी पढ़ें पुलिस पर हमला करेंगे… वाले Video से हड़कंप, दिलीप घोष के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची TMC भाजपा के रथ में तोड़फोड़ के बाद बंगाल में तनाव, खगराबाड़ी में सुरक्षा बल की भारी तैनाती.