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ममता बनर्जी की जनादेश के खिलाफ मुख्यमंत्री बने रहने की जिद, संविधान विशेषज्ञों से जानें 7 मई को क्या होगा

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Prabhat Khabar 05 मई 2026, 11:12 pm
ममता बनर्जी की जनादेश के खिलाफ मुख्यमंत्री बने रहने की जिद, संविधान विशेषज्ञों से जानें 7 मई को क्या होगा

खास बातें 7 मई को स्वत: शून्य हो जायेगा बंगाल के सीएम का पद संविधान विशेषज्ञ बोले- एक राज्य में 2 मुख्यमंत्री नहीं हो सकते राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प? बर्खास्तगी या स्वत: विदाई Mamata Banerjee Resignation Statement: साजिश के दावे पर विशेषज्ञों की राय नये सीएम के शपथ के साथ हो जायेगा ‘ममता युग’ का अंत Mamata Banerjee Resignation Statement: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिले दो तिहाई बहुमत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार ने देश में एक नया संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया है.

बंगाल चुनाव परिणाम 2026 को ‘साजिश’ बताकर ममता बनर्जी पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं, तो देश के दिग्गज संविधान विशेषज्ञों और कानूनविदों ने साफ कर दिया है कि उनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है. 7 मई को स्वत: शून्य हो जायेगा बंगाल के सीएम का पद विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वे सम्मानजनक तरीके से इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल के पास उन्हें बर्खास्‍त करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है.

7 मई को निवर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही उनका मुख्यमंत्री का पद स्वतः ही शून्य हो जायेगा. संविधान विशेषज्ञ बोले- एक राज्य में 2 मुख्यमंत्री नहीं हो सकते लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ पीडीटी आचारी के अनुसार, ममता बनर्जी की जिद संवैधानिक रूप से टिकने वाली नहीं है.

आचारी ने कहा कि निवर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है. सरकार विधायिका के प्रति जवाबदेह होती है, कार्यकाल खत्म होते ही सरकार का अस्तित्व भी खत्म हो जाता है. जैसे ही भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा, ममता बनर्जी का कार्यकाल समाप्त हो जायेगा.

एक राज्य में एक साथ 2 मुख्यमंत्री नहीं रह सकते. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प? बर्खास्तगी या स्वत: विदाई वरिष्ठ अधिवक्ता और कानूनी विशेषज्ञों ने भी राज्यपाल की शक्तियों के बारे में जानकारी दी है.

आईए, आपको बताते हैं कि महामहिम के पास क्या-क्या शक्तियां हैं. बर्खास्तगी का अधिकार : वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी और दुष्यंत दवे ने बताया कि राजनीतिक नैतिकता की मांग है कि ममता बनर्जी इस्तीफा दे दें. यदि वे ऐसा नहीं करती हैं, तो राज्यपाल को उन्हें बर्खास्त करना ही होगा.

बहुमत का सम्मान : एडवोकेट अमित आनंद तिवारी ने एसआर बोम्मई मामले का हवाला देते हुए कहा कि राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी (भाजपा) को बुलाने के लिए बाध्य हैं. भाजपा के पास 200 से अधिक सीटें हैं, ऐसे में राज्यपाल के विवेक और उनके अधिकार पर कोई संदेह नहीं है.

कार्यकाल की समाप्ति : वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा कहते हैं कि नये व्यक्ति के मुख्यमंत्री का पदभार संभालते ही पुरानी सरकार यानी पदमुक्त मान ली जाती है. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mamata Banerjee Resignation: साजिश के दावे पर विशेषज्ञों की राय ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि 100 सीटों पर जनादेश ‘लूटा’ गया है.

‘साजिश’ के कारण वह इस्तीफा नहीं देंगी. इस पर कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया या परिणामों से असहमति होना अलग बात है, लेकिन जनादेश के विरुद्ध पद पर बने रहना असंवैधानिक है. एडवोकेट शोएब आलम ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री जनता के फैसले को चुनौती देकर कुर्सी पर नहीं बैठा रह सकता.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय नये सीएम के शपथ के साथ हो जायेगा ‘ममता युग’ का अंत कुल मिलाकर, कानून की नजर में ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री के रूप में समय अब समाप्त हो चुका है.

संवैधानिक मानदंडों के अनुसार, 7 मई के बाद या नये मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के साथ ही बंगाल में ‘ममता युग’ का आधिकारिक अंत निश्चित है. इसे भी पढ़ें बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार ममता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल बंगाल में खिला कमल, बीजेपी ने जनता को कहा- शुक्रिया, शुभेंदु अधिकारी बोले- विकास ने डर को हराया, सुशासन के नये युग की शुरुआत.

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