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मिडिल ईस्ट वॉर: विदेश मंत्रालय ने बताया- जंग के बीच देश लौटे 4.26 लाख नागरिक

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Prabhat Khabar 25 मार्च 2026, 09:24 pm
मिडिल ईस्ट वॉर: विदेश मंत्रालय ने बताया- जंग के बीच देश लौटे 4.26 लाख नागरिक

मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर के बीच भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़ी तैयारी की. विदेश मंत्रालय (MEA) की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 4.26 लाख भारतीय इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं. इनमें छात्र, व्यवसायी, नौकरी पेशा लोग और परिवार शामिल हैं.

आइए बताते हैं कैसे. ईरान से निकाले गए भारतीय विशेष रूप से ईरान में फंसे 1,043 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें 717 छात्र और 326 अन्य नागरिक थे. छात्रों के सुरक्षित निकलने का काम तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की मदद से किया गया. मंत्रालय ने बताया कि यह एक चुनौतीपूर्ण काम था क्योंकि क्षेत्र में सुरक्षा और उड़ानों पर प्रतिबंधों के कारण नागरिकों को सुरक्षित निकालना मुश्किल था.

प्रशासन और दूतावास की भूमिका विदेश मंत्रालय ने खाड़ी और मिडिल ईस्ट में लगातार बदलती परिस्थितियों पर नजर रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की. दूतावासों ने वीजा, रसद और यात्रा की सुविधा प्रदान की. नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारत लाया गया.

इसके अलावा, इजराइल से जॉर्डन और सऊदी अरब के रास्ते भी भारतीय नागरिकों की वापसी में मदद की जा रही है. उड़ानों की व्यवस्था खाड़ी और पश्चिम एशिया के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के लिए 2,149 उड़ानें चलाई गईं. संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, सऊदी अरब और कतर से नियमित उड़ानों का संचालन किया जा रहा है.

कतर एयरवेज द्वारा नौ गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जा रही है. दुखद घटनाओं का समाधान 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में मारे गए एक भारतीय नागरिक का पार्थिव शरीर सुरक्षित भारत लाया गया. अधिकारियों ने बताया कि परिवार के साथ नियमित संपर्क में हैं और इस मुश्किल समय में संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं.

सरकार की प्राथमिकता विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा, भलाई और कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. संकट के दौरान नागरिकों के सवालों और मदद के लिए एक समर्पित नियंत्रण कक्ष लगातार काम कर रहा है..

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