ऐसा लगा जैसे मिसाइल गिरी हो, बंगाल के मजदूर ने बतायी छत्तीसगढ़ पावर प्लांट धमाके की आंखों देखी, मौत का आंकड़ा 14 हुआ
खास बातें दोपहर का खाना खत्म ही किया था कि मच गयी तबाही बढ़ती मौतें और घायलों का हाल छत्तीसगढ़ के वेदांत प्लांट में कैसे हुआ धमाका? जांच के आदेश और मुआवजे का ऐलान दोहरी जांच विपक्ष ने की 1 करोड़ के मुआवजे की मांग सुरक्षा मानकों पर खड़े हो रहे सवाल Chhattisgarh Power Plant Blast News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट ने बंगाल के कई परिवारों की नींद उड़ा दी है.
इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गयी है. बुधवार को एक और घायल मजदूर ने दम तोड़ दिया. इस पूरी तबाही के मंजर को बंगाल के रहने वाले और वहां पेंटर का काम करने वाले मजदूर अजीत दास कर ने बेहद करीब से देखा. अजीत ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि उसे लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिरी हो.
दोपहर का खाना खत्म ही किया था कि मच गयी तबाही संयंत्र में पेंटर के तौर पर काम कर रहे अजीत दास कर ने खौफनाक मंजर को बयां किया. खौफनाक लम्हा : मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हमने खाना खत्म ही किया था कि अचानक एक कान फोड़ने वाला धमाका हुआ. चारों तरफ घना काला धुआं फैल गया.
बाल-बाल बचे : अजीत ने बताया कि वह उस समय जमीन से करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे थे. धमाका बॉयलर नंबर-1 के पास लगभग 9 मीटर की ऊंचाई पर हुआ था. ऐसे बचायी जान : खुद को बचाने के लिए अजीत पास की एक अलमारी के अंदर छिप गये. उन्होंने बताया कि जो मजदूर नीचे काम कर रहे थे, वे गर्म भाप और आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गये थे.
बढ़ती मौतें और घायलों का हाल सक्ती के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने पुष्टि की है कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक और मजदूर की मौत के बाद अब कुल मृतकों की संख्या 14 हो गयी है. हादसे में झुलसे 20 मजदूरों में से 5 की हालत गंभीर है. सभी को रायपुर रेफर किया गया है.
शेष 15 घायलों का इलाज रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें छत्तीसगढ़ के वेदांत प्लांट में कैसे हुआ धमाका? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक स्टील ट्यूब में धमाका हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप ले जा रही थी.
जांच के आदेश और मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गयी है. दोहरी जांच बिलासपुर कमिश्नर को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिये गये हैं. साथ ही सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए डभरा के एसडीएम को नियुक्त किया है.
उन्हें 30 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. विपक्ष ने की 1 करोड़ के मुआवजे की मांग इस हादसे पर छत्तीसगढ़ में सियासत भी गरमा गयी है. कांग्रेस ने इसे प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सुशील आनंद शुक्ला ने मृतकों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपए और घायलों के लिए 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की है.
सुरक्षा मानकों पर खड़े हो रहे सवाल यह प्लांट पहले एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड का था, जिसका 2022 में वेदांता ने अधिग्रहण किया था. हादसे के समय कई मजदूर वहां पेंटिंग और निर्माण काम कर रहे थे. बंगाल के मजदूर अजीत दास का यह बयान प्लांट में सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
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