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कला मानव जीवन की उदात्त भावनाओं की प्रकृति के आंगन में अभिव्यक्ति है : डॉ प्रद्युम्न भट्ट

Posted on February 4, 2026

भानपुरा । मानव सभ्यता और मानव सृजित कला विकास के संदर्भ मे मंदसौर जिला ने अपनी बात प्रमाणों के साथ कला पारखियों और साहित्य तथा इतिहास के विद्वानों के समक्ष रखते हुए भानपुरा के इतिहास और पुरातत्त्व के जाने माने हस्ताक्षर डॉ प्रद्युम्न भट्ट ने कहा कि विद्वानों की राय है कि कला मानव जीवन की उदात्त भावनाओं की प्रकृति के आंगन में अभिव्यक्ति है। इसी अनुसार मंदसौर जिले मे विभिन्न पैटर्न में होमो इरेक्टस ने प्लीस्टोसिन युग में ही प्रथम कला का सृजन अपने प्राकृतिक आवास में खुले वातास में और शेलाश्रयों की दीवारों पर कप्यूल्स के रूप मे रच दिया था इंद्रगढ़ पहाड़ी और अंचल मे मिले कपयुल्स को वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान साथ हजार साल से पहले दो लाख साथ हजार साल पहले तक होना पाया गया 2016 मे इफरो इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ़ रॉक आर्ट आर्गेनाईजेशन के प्रमुख रोबर्ट बेड्नारिक ने जोर देकर कहा कि इनमेसे कुछ कपल्स चार लाख, साल तक पुराने है और इन  को दुनिया की पुरानी कला माना जो मानव ने अपने जीवन कि विकट परिस्थितियों के बीच सृजित किया. डॉ भट्ट ने विभिन्न उदाहरणों द्वारा बताया कि समय और कला दोनों गतिशील है रूपांतर समयानुसार होता रहता है लेकिन सभी युगो मे कला का अंतिम धेय मानव को संतोष और आनंद की अनुभूति करना है. वही से चलते हुए, संगीत अमोद प्रमोद, चित्रकला तथा पाषाण फलक पर प्रतिमाओं के निर्माण तक की कला विकास पर चर्चा करते हुए डॉ भट्ट ने विश्व कला महोत्सव न्यूयार्क मे लेजाए गए नंदी की कला गत विशेषताओं से रूबरू कराया गया तो दर्शक भाव विभोर हो गए. उमामेश्वर, परमार युगीन तापस गोरी और एक मात्र बुद्ध की प्रतिमा कला की चर्चा ने श्रोताओं दर्शकों को आत्म मुग्ध करते हुए दशपुर की कला के लक्षणिक सौन्दर्य अलंकरण से अभिभूत कर दिया. डॉ भट्ट का व्याख्यान का विषय ही था कि मंदसौर जिले मे कला का विकास और प्रतिनिधि कलात्मक प्रतिमाओं का सांस्कृतिक महत्त्व, कला विकास यात्रा को भित्ति चित्रों और आँगन के कलात्मक रंगोली तक की यात्रा पर सरगर्भित प्रकाश डाला गया. सीतामऊ फेस्टिवल द्वितीय चरण का शुभारम्भ माननीय विधायक हरादीप सिंह डंग ने करतेहुये महान इतिहासकार महाराज कुमार डॉ राघबीर सिंह जी के अवदान सीतामउ राष्ट्रिय महोदवा को रेखांकित करते हुए श्री नटनागर शोध संस्थान के महत्त्व से परिचित कराया.. मंचासीन अतिथि जनो का स्वागत सीतामऊ की विदुषी एस डी एम श्रीमती शिवानी गर्ग ने किया. प्रथम सत्र मे डॉ भट्ट ने अपनी बात रखी मंच पर कल्ला जी विश्व विद्यालय के संस्थापक आचार्य डॉ वीरेंद्र शास्त्री मौजूद थे. डॉ भट्ट ने अपनी पुस्तक दशपुर भानपुरा अंचल हरदीप सिंह को भेट की डॉ भट्ट ने जिला कलेक्टर आदरणीया अदिति गर्ग और एस डी एम शिवानी गर्ग सहित टीम का आभार मानते हुए कहा कि दशपुर के साहित्यिक इतिहास में यह आयोजन अप्रतिम है महराज कुमार डॉ रघुबीर सिंह साहब के स्वप्न को चरितार्थ कर रहा है. जिले के गौरव को इस आयोजन ने देश काल की सीमाओं से दूर दूर तक सुधी दर्शकों तक पहुंचा दिया है।

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