Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा नये भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्यायजल गंगा संवर्धन अभियान- जिले में सभी अमृत सरोवरों के कार्य पूर्णकांग्रेस को बड़ा झटका: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, भाजपा में जश्न का माहौलमीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस बोली- 'सीट चोरी', EC दफ्तर के बाहर हंगामा, लोकतंत्र की हत्या का आरोपयोग केगिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए ऑनलाइन योग सत्र में जुड़ेंजीर्ण-शीर्ण भवनों के खिलाफ न.पा. की कार्यवाही-उर्वरक की सोसायटी में उपलब्‍धता एवं वितरण सुनिश्चित करें- श्री चंद्राशहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क पर NIA का एक्शन, हरियाणा-पंजाब में 18 ठिकानों पर रेडकपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन | विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति आई.टी. सजनसुनवाई में मिली दिव्यांग पूनमचंद को रेडक्रास से 10 हजार की आर्थिक सहायताराज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग 'नोटों से भरी थैली' लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोपमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित कीअफगानिस्तान में नरसंहार, भारत के खिलाफ 'नफरत की फैक्ट्री' चला रहा... भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को लताड़ाराज्यसभा चुनाव : डिनर टेबल पर सियासी रणनीति, कांग्रेस को सताने लगा टूट का डर?कौन हैं काकोली घोष दस्तीदार और रीतब्रत बनर्जी, जिन्होंने लगा दी ममता बनर्जी की ‘लंका’, जानिए 2 बागियों की इनसाइड स्टोरी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-दुष्कर्म पीड़िताओं को प्रेग्नेंसी समाप्त करने का अधिकार 20 हफ्ते के बाद भी मिले, एम्स का क्यूरेटिव पिटीशन खारिज

Author
Prabhat Khabar 30 अप्रैल 2026, 12:30 pm
सुप्रीम कोर्ट ने कहा-दुष्कर्म पीड़िताओं को प्रेग्नेंसी समाप्त करने का अधिकार 20 हफ्ते के बाद भी मिले, एम्स का क्यूरेटिव पिटीशन खारिज

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने एम्स के उस क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया, जिसमें कोर्ट से यह अपील की गई थी कि वह अपने 24 अप्रैल के उस फैसले को बदल दे, जिसमें कोर्ट ने 15 वर्षीय लड़की को अपने 30 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति दी थी.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने एम्स के डॉक्टरों की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वे नाबालिग बच्ची की प्रेग्नेंसी के बारे में उसके माता-पिता से बात करें और यह उन पर छोड़ दें नाबालिग-पीड़ित अपनी प्रेग्रेंसी को रखना चाहती है या नहीं.

गर्भपात करना अब मुश्किल : एम्स एम्स के डॉक्टरों ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि चूंकि प्रेग्नेंसी के 30 हफ्ते हो चुके हैं, इसलिए भ्रूण अब जिंदा रहने लायक है और इसे खत्म करना सफल नहीं होगा. बच्चा गंभीर बीमारियों, ऑर्गन फेलियर के साथ पैदा होगा और नाबालिग पीड़िता को भी आजीवन दिक्कतें होंगी.

संभव है कि वह जीवन में दूसरा बच्चा पैदा ना कर पाए. बच्चे को जन्म देना, पीड़िता के लिए दर्दनाक एम्स के तर्क पर कोर्ट ने कहा कि यह मामला बहुत दर्दनाक है. बच्ची एक रेप विक्टिम है. अगर उसे प्रेग्नेंसी से गुजरना पड़ा, तो उसे अपनी जिंदगी के हर दिन ट्रॉमा झेलना पड़ेगा.जिस उम्र में उसे एक अच्छी जिंदगी जीने की ख्वाहिशें होनी चाहिए,वह दर्द झेलेगी.

कोर्ट ने सख्ती से कहा कि वह उसे मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चों के रेप के मामलों में, प्रेग्नेंसी को बनाए रखने या खत्म करने का फैसला हमेशा विक्टिम का होना चाहिए. कोर्ट ने मीडिया को नसीहत दी कि वह केस की रिपोर्टिंग करते समय सेंसिटिव रहें और इस सुनवाई की हर एक बात को रिकॉर्ड न करें क्योंकि यह केस रेप की नाबालिग विक्टिम से जुड़ा है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह कानून में संशोधन करने पर विचार करे, ताकि बलात्कार पीड़िताओं को 20 हफ्तों के बाद भी अवांछित गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मिल सके.साथ ही यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे दुष्कर्म के मामले में मुकदमे की सुनवाई एक सप्ताह के भीतर पूरी हो जाएं.

ये भी पढ़ें : नेपाल के हित में होगी भारत से नजदीकी यूपी विधानसभा में बोले सीएम योगी- सपा के व्यवहार को देखकर तो गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाए.

Ad

ताज़ा खबरें