बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह में 121 जोड़ों का विवाह और निकाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की मौजूदगी में हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
भोपाल। बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह मध्यप्रदेश में सामाजिक समरसता और भाईचारे का एक ऐतिहासिक उदाहरण बनकर सामने आया। इस पावन अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के कुल 121 जोड़ों ने एक साथ नए जीवन की शुरुआत की। एक ही मंडप के नीचे 118 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों द्वारा संपन्न कराया गया। यह आयोजन न केवल सामूहिक विवाह की परंपरा को मजबूत करता है, बल्कि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और विविधता में एकता का भी सशक्त प्रतीक है।
बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन एक विशाल और भव्य पंडाल में किया गया, जिसे पारंपरिक सजावट, फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक स्वस्तिवाचन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जैसे ही शंखनाद और मंत्रोच्चार गूंजा, पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया। वहीं दूसरी ओर मुस्लिम जोड़ों के निकाह की रस्में भी शांति और गरिमा के साथ संपन्न हुईं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बसंत पंचमी सामूहिक विवाह को सामाजिक एकता की मिसाल बताते हुए नवदम्पत्तियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और भाईचारे की भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने सभी जोड़ों से अपेक्षा की कि वे अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सहयोग के मूल्यों को अपनाएं और देश व समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को 51-51 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस सरकारी पहल से बेटियों के विवाह में आने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है और परिवार सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न करा पाते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा भी बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सौहार्द, भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
जैसे ही वर-वधुओं ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन पर फूलों की वर्षा कर पूरे माहौल को उल्लास से भर दिया। यह दृश्य बेहद भावुक और आनंदमय था। समारोह में उपस्थित परिजन खुशी से झूम उठे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नृत्य करने लगे। इस पल ने पूरे आयोजन को एक यादगार उत्सव में बदल दिया।
बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह में स्वामी राघवदेवाचार्य और साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी की उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इनके साथ ही लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, श्री नीरज सिंह, श्री संतोष बरकड़े, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज, श्री रत्नेश सोनकर, श्री राजकुमार पटेल और श्री अखिलेश जैन सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।
बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारत की विविधता में एकता का सशक्त प्रतीक भी था। एक ही मंडप के नीचे अलग-अलग धर्मों के रीति-रिवाजों के साथ विवाह और निकाह का संपन्न होना यह दर्शाता है कि प्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना सभी धर्मों से ऊपर है। इस आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि हम सभी मिलकर एक समरस और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना जैसी पहलें समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिली है और बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंताएं कम हुई हैं। सरकार की यह सोच नारी सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की अवधारणा को भी मजबूती प्रदान करती है।
इस बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह में शामिल सभी 121 जोड़ों के लिए यह दिन उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण बन गया। नई उम्मीदों, नए सपनों और नए रिश्तों के साथ उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। सरकार और समाज के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन उनके लिए एक मजबूत आधार साबित होगा, जिस पर वे अपने भविष्य की इमारत खड़ी कर सकेंगे।
बसंत पंचमी सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और सरकारी जनकल्याण योजनाओं की सफलता का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की मौजूदगी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। 121 जोड़ों का एक साथ विवाह और निकाह होना यह दर्शाता है कि भारत की असली ताकत उसकी एकता में है। ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
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