पुणे में 3 साल की बच्ची से दरिंदगी: 65 साल के दोषी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

Pune Murder Case: जज एस आर सालुंखे ने इस मामले को बहुत ही क्रूर और भयानक माना. उन्होंने जैसे ही अदालत में दोषी भीमराव कांबले को मौत की सजा सुनाई, वहां मौजूद बच्ची के माता-पिता और परिवार के लोग रो पड़े. जज ने कहा कि पुलिस और सरकारी वकील ने आरोपी के खिलाफ बहुत ही मजबूत सबूत पेश किए हैं.

कोर्ट ने यह भी बताया कि इस आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी खराब रहा है और वह पहले भी कई वारदातों में शामिल रह चुका है. 60 दिनों के भीतर आया फैसला यह पूरी घटना 1 मई को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच हुई थी. कोर्ट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के ठीक 60 दिनों के भीतर, यानी 25 जून को ही आरोपी को दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद सोमवार को सजा का एलान किया गया.

Nasrapur Minor Girl Rape and Murder Case | A special court in Pune awarded death penalty to a 65 year old man, Bhimrao Kambale for raping and murdering a Pune based 3-year-old girl in Nasrapur village of Pune district. The incident took place on May 1, 2026 and the whole case was… pic.twitter.com/m1EejlhDqG — ANI (@ANI) June 29, 2026 बछड़ा दिखाने का झांसा देकर ले गया था हैवान आरोपी भीमराव कांबले 1 मई को 3 साल की मासूम बच्ची को खाने की चीजें देने और गाय का बछड़ा दिखाने का लालच देकर अपने साथ ले गया था.

वह बच्ची को मवेशियों के बाड़े के पास एक शेड में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी की. इसके बाद बच्ची का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी. उम्र का हवाला देकर राहत नहीं दी जा सकती : कोर्ट सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोषी के प्रति किसी भी तरह की हमदर्दी दिखाने से साफ इनकार कर दिया.

न्यायाधीश सालुंखे ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “यह अपराध बेहद क्रूर और अमानवीय था. आरोपी ने केवल अपनी वासना पूरी करने के लिए एक मासूम और लाचार बच्ची को तड़पा-तड़पा कर मार डाला. इस घटना ने न केवल न्यायपालिका, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है.

बचाव पक्ष ने दोषी की 65 वर्ष की उम्र का हवाला देकर सजा में नरमी बरतने की अपील की थी. इस पर कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि उम्र का हवाला देकर राहत नहीं दी जा सकती. बल्कि इतनी बड़ी उम्र में ऐसा घिनौना अपराध करना, इसकी गंभीरता को और ज्यादा बढ़ा देता है. इस मामले में सुधरने या राहत देने की कोई गुंजाइश नहीं है.

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कोर्ट के फैसले को बताया ऐतिहासिक महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, “कोर्ट ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई है, इसलिए मैं कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं. मैंने पहले ही कहा था कि उसे जीने का कोई हक नहीं है, उसे फांसी ही होनी चाहिए, और इसलिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.

सीएम खुद इस मामले पर नजर रखे हुए थे और टीम को सपोर्ट दे रहे थे. यह एक ऐतिहासिक फैसला है. अब किसी में भी ऐसी घटना को दोबारा अंजाम देने की हिम्मत नहीं होगी. ये भी पढ़ें: ‘तुम दुनिया के जिस कोने में रहोगे, वहीं मारेंगे!’ राहुल सिंह ने प्रिंस खान को दी जान से मारने की धमकी.

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