उन्नत कृषि तकनीक, नवाचार एवं फसल विविधीकरण से आयवृद्धि की ओर बढ़ें किसान – विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा तुलनात्मक चार्ट से किसानों को कृषि संबंधी बेहतर एवं सूचित निर्णय लेने में मिलेगी सुविधा – कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा फसल लागत, पोषक तत्व एवं कृषि-पशुपालन के आर्थिक विश्लेषण संबंधी तुलनात्मक चार्ट का अतिथियों ने किया विमोचन नीमच, 23 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज टाउन हॉल, दशहरा मैदान, नीमच में समन्वित कृषि विकास कार्यशाला-सह-सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं कृषि अभियांत्रिकी सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने जिलेभर से आए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसलों, शासन की योजनाओं तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के माध्यम से उत्पादन और आय बढ़ाने के अवसरों की जानकारी दी। कार्यशाला से पूर्व, विधायक नीमच श्री दिलीप सिंह परिहार, विधायक जावद श्री ओमप्रकाश सकलेचा, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव ने किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में किसानों द्वारा उत्पादित आम, गुलाब एवं अन्य पुष्प, औषधीय उत्पाद, केले सहित विभिन्न कृषि उत्पाद प्रदर्शित किए गए। शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किसानों द्वारा योजनाओं के माध्यम से प्राप्त सहयोग से तैयार किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। अतिथियों ने किसानों से उनके नवाचार, उत्पादन, योजनाओं से प्राप्त लाभ एवं आय में हुए परिवर्तन की जानकारी ली। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगी किसानों की आय – विधायक श्री परिहार विधायक नीमच श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत किसानों को उन्नत फसलों, आधुनिक तकनीकों एवं कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कैबिनेट द्वारा सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई है, जिससे 253 गांव लाभान्वित होंगे। सिंचाई का रकबा बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने जल संरक्षण एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा अपव्यय रोकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी विभिन्न गांवों तक पहुंचने से किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है। बिजली के क्षेत्र में भी जिले में निरंतर कार्य किया जा रहा है। श्री परिहार ने कहा कि किसान देश के विकास का आधार हैं। उन्होंने नीमच की सर्वसुविधायुक्त कृषि उपज मंडी का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को जिले में ही अपने कृषि उत्पादों के विक्रय की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने पशुपालन, उद्यानिकी एवं कृषि विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ लेने तथा इंटरक्रॉपिंग सहित अन्य नवाचार अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया। कृषि के साथ पशुपालन एवं अन्य आय के स्रोत अपनाएं किसान – विधायक श्री सकलेचा विधायक जावद श्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करते हुए खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। कृषि के साथ पशुपालन, उद्यमिता एवं अन्य आय के स्रोत अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कृषि अपशिष्ट का बेहतर उपयोग कर उसे पुनः खेतों में उपयोग करने तथा मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों, नवाचारों एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं आय दोनों में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने किसानों के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। तुलनात्मक चार्ट से किसान ले सकेंगे बेहतर एवं सूचित निर्णय – कलेक्टर श्री चंद्रा कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कहा कि नीमच जिला प्रदेश का ऐसा पहला जिला है, जहां फसलों के लिए अनुशंसित पोषक तत्वों एवं उर्वरकों की मात्रा, प्रति हेक्टेयर फसल उत्पादन लागत एवं आर्थिक विश्लेषण तथा कृषि एवं पशुपालन की लागत एवं आर्थिक विश्लेषण से संबंधित तुलनात्मक चार्ट तैयार किए गए हैं। कार्यशाला के दौरान इन चार्टों का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि इन चार्टों के माध्यम से किसानों को विभिन्न फसलों की उत्पादन लागत, आवश्यक पोषक तत्वों एवं उर्वरकों की मात्रा तथा कृषि एवं पशुपालन से होने वाले आर्थिक लाभ की तुलनात्मक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे किसान अपनी भूमि, उपलब्ध संसाधनों एवं संभावित आय को ध्यान में रखते हुए फसल एवं कृषि से जुड़ी गतिविधियों का चयन करने में सुविधा महसूस करेंगे और बेहतर एवं सूचित निर्णय ले सकेंगे। कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन किसानों के सहयोग के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग ढाई वर्ष पूर्व जिले में किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 10 से 15 करोड़ रुपये तक का ऋण वितरित होता था, जो अब बढ़कर लगभग 50 करोड़ रुपये हो गया है। इस वर्ष के अंत तक केसीसी के माध्यम से 80 करोड़ रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में पशुपालकों को भी केसीसी के माध्यम से औसतन लगभग 35 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीज उपलब्ध कराने तथा नकली उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए खाद-बीज विक्रय एवं भंडारण केंद्रों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से कतार में न लगना पड़े, इसके लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार की कार्यशालाएं आगामी दिनों में ब्लॉक एवं समिति स्तर पर भी आयोजित की जाएंगी। कृषि वैज्ञानिक ने दी वैज्ञानिक कृषि प्रबंधन की जानकारी कृषि वैज्ञानिक श्री सी.पी. पचौरी ने किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से कृषि करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृषि प्रबंधन, खाद एवं कीटनाशकों के आवश्यकता के अनुरूप उपयोग तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग से संपर्क करने की सलाह दी। उन्नत किसानों ने साझा किए नवाचार एवं सफलता के अनुभव कार्यशाला में उन्नत किसानों ने कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में किए गए नवाचारों और अपने अनुभव साझा किए। किसान श्री हरीश पाटीदार ने ड्रैगन फ्रूट एवं गुलाब की खेती के माध्यम से आय बढ़ाने का अनुभव बताया। श्री भागीरथ नागदा ने जैविक खेती एवं अश्वगंधा आधारित उद्यम की जानकारी दी। जावद के श्री अनिल धाकड़ ने मधुमक्खी पालन एवं फूलों की खेती से जुड़े अनुभव साझा किए। श्री किशोर पाटीदार ने कामधेनु योजना के तहत पशुपालन एवं डेयरी संचालन की जानकारी दी। कार्यशाला में पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के अंतर्गत ड्रिप सिस्टम एवं मिनी स्प्रिंकलर सेट आदि का लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों श्री धनसुख राठौर , श्री कन्हैया लाल गुर्जर एवं श्री लाला बिहारी लाल तथा फसल बीमा राशि प्राप्त करने वाले हितग्राहियों श्री गोपाल धनगर,श्री तुलसी राम धाकड़ सहित अन्य हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा हितलाभ का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सज्जन सिंह चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, श्रीमती वंदना खंडेलवाल, श्री राजू नागदा, श्री हेमंत हरित, उप संचालक कृषि श्री नगीन सिंह रावत, उप संचालक उद्यानिकी श्री पुप्पू कनेल, उप संचालक पशुपालन डॉ. ए.आर. धाकड़, उप संचालक मत्स्य पालन श्री देवसाह इनवाती सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)


