जब सरकारी तंत्र व्यापारी वर्ग पर हावी हो रहा था, जब श्रमिक वर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जब किसान शोषण का शिकार हो रहे थे, तब इन सभी वर्गों ने सत्ताधारी भाजपा के जनप्रतिनिधियों के हाथ जोड़े लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी- उमरावसिंह गुर्जर