Ad Ad
Ad Ad

कलेक्टर की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला पर्यटन कॉन्क्लेव संपन्न

रिपोर्टर: mawafirstnews@gmail.com
📅 28 Sep 2026, 12:09 PM
शेयर करें ➦
W f X
कलेक्टर की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला पर्यटन कॉन्क्लेव संपन्न

सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पर्यटन कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। कॉन्क्लेव में जिले की प्राकृतिक,ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय पर्यटन संभावनाओं के विकास को लेकर विभिन्न हितधारियों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनुभवी व्यक्तियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में नीमच में प्रारंभ हुए चीता प्रोजेक्ट को पर्यटन विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। चीता प्रोजेक्ट के आसपास पर्यटकों के ठहरने के लिए होमस्टे विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। रामपुर एवं बसी के बीच भी होमस्टे की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए सीईओ जनपद पंचायत मनासा को निर्देशित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों के लिए चीता प्रोजेक्ट आधारित एजुकेशनल टूर का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। रामपुरा में वॉटर टूरिज्म की संभावनाओं पर चर्चा रामपुरा के रिंग वाटर क्षेत्र को वॉटर टूरिज्म एवं एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यहां मोटर बोट, वॉटर स्पोर्ट्स, निर्धारित वॉटर रूट, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट, जिपलाइन, रॉक क्लाइम्बिंग, साइकिल टूर और कैंपिंग जैसी गतिविधियों की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पर्यटकों के लिए टूरिस्ट मोटल, रेस्टोरेंट, ट्रेवल एजेंसी, रिसेप्शन एवं बुकिंग सुविधा, स्विमिंग पूल और होमस्टे जैसी सुविधाएं विकसित करने पर भी विचार किया गया। इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए साइनेज लगाने के निर्देश कलेक्टर श्री चंद्रा ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच सुगम बनाने के लिए प्रमुख मार्गों पर डायरेक्शन बोर्ड एवं साइनेज लगाने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तारापुर की साड़ी प्रिंट को पर्यटन से जोड़ने पर जोर जावद विकासखंड के तारापुर की स्थानीय साड़ी प्रिंट कला को पर्यटन से जोड़ने और इसे व्यापक पहचान दिलाने पर विशेष चर्चा हुई। स्थानीय कला एवं शिल्प को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा पर्यटन से जुड़ाव कॉन्क्लेव में 1857 की क्रांति से जुड़े प्रमुख स्थलों को चिह्नित कर विकसित करने, ऐतिहासिक किलों एवं बावड़ियों के संरक्षण तथा उन्हें पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई। जिले के इतिहासकार डॉ. सुरेंद्र सक्तावत ने नीमच में संग्रहालय विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नीमच को प्रसिद्ध इतिहासकार एवं पुरातत्वविद् श्री वाकणकर की जन्मस्थली से जोड़ते हुए जिले की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता बताई। जिले में इको टूरिज्म, लोकल कल्चरल हब, मालवी व्यंजन, स्थानीय खाद्य पदार्थ एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण एवं जनजागरूकता केंद्र और पर्यावरण शिक्षा कार्यशालाएं आयोजित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। भविष्य में जंगल सफारी शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिले की पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए ठोस प्रस्ताव तैयार करने और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। कॉन्क्लेव में सीईओ जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, एसडीएम मनासा श्रीमती मयुरी जोक,पीओ डूडा एवं डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्र सिंह धार्वे,जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती ऐश्वर्या मूंदड़ा, पर्यटन विभाग द्वारा नामित टूरिस्ट गाइड श्री हिम्मत सिंह चंद्रावत, टूर ऑपरेटर्स सहित संबंधित अधिकारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।

स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)

आपको यह खबर कैसी लगी?

शेयर करें ➦
W f X
शेयर करें ➦
W f X