सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने के बजाय किसी दूसरे तरीके से मृत्युदंड देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. याचिका में कहा गया था कि फांसी देकर मौत की सजा देना काफी दर्दनाक तरीका है और इसके बदले कोई अधिक मानवीय तरीका अपनाया जाना चाहिए.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई की. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसके फैसले का असर केंद्र सरकार की उस कोशिश पर नहीं पड़ेगा, जिसमें वह मृत्युदंड देने के तरीके की व्यापक समीक्षा करना चाहे. कोर्ट ने कहा कि सरकार चाहे तो मौत की सजा को लागू करने के लिए कोई वैकल्पिक तरीका तय करने पर विचार कर सकती है.
इससे पहले 22 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था..
