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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की उद्योग हितैषी नीतियों से झांझरवाड़ा बना विकास का मॉडल,

Posted on May 22, 2026

डेनिम, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी से बदली जिले की तस्वीर, 2500 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार पिछले ढाई वर्षों में औद्योगिक विकास की तेज रफ्तार ने नीमच जिले को मध्यप्रदेश के उभरते मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में नई पहचान दी है। “इंडस्ट्रियल वाइब्रेंट हब” के रूप में स्थापित हो चुके नीमच में औद्योगिक विस्तार, निवेश और रोजगार सृजन ने जिले को आर्थिक विकास की मुख्य धारा से जोड़ दिया है। झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में 100% प्लॉट आवंटन: जिले का प्रमुख औद्योगिक केंद्र झांझरवाड़ा पूरी तरह भर चुका है। यहां 200 से अधिक प्लॉट पर 44 औद्योगिक इकाइयां पूर्ण उत्पादन कर रही हैं, जिनमें2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। टेक्सटाइल-डेनिम सेक्टर बना रीढ़: स्वराज सूटिंग्स प्राइवेट लिमिटेड: 400 करोड़ की लागत से विशाल डेनिम यूनिट, 400+ युवाओं को रोजगार। विश्वेश्वरा डेनिम प्राइवेट लिमिटेड: 135 करोड़ के निवेश से कपड़ा एवं परिधान निर्माण इकाई। सुविधि रेयांस: मोरवन में 329 करोड़ की इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल मिल निर्माणाधीन, 1500 लोगों को रोजगार संभावित। ओर्टेक्स प्रोसेसर: क्लोदिंग यूनिट भी क्षेत्र में उत्‍पादन कर रही है। ग्रीन एनर्जी व फूड प्रोसेसिंग में विस्तार:मालवा पेट्रो प्रोडक्ट्स, एमपी ग्रीनरिज़, नंदीराज एग्रो प्रोडक्ट्स, ओसवाल एथेनॉल, धनुका बायोटेक जैसी इकाइयों से ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा। वहीं जैन एग्रो प्रोडक्ट्स, इनाया एग्रो फूड्स, देशना इंडस्ट्रीज, विनी प्रोडक्ट्स जैसी यूनिट्स ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नया बाजार दिया है। नीमच के चीता खेड़ा में नया औद्योगिक क्षेत्र:बढ़ती मांग को देखते हुए एमपीआईडीसी द्वारा चीताखेड़ा में 186 हेक्टेयर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। राजस्थान-गुजरात से लगी सीमा के कारण नीमच लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है। भीलवाड़ा से 120 किमी दूरी होने से टेक्सटाइल क्षेत्र में भीलवाड़ा के विकल्प के रूप में नीमच को देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की नीतियों का असर:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के “रोजगार आधारित विकास” और “उद्योग-गांव कनेक्ट” मॉडल से प्रक्रियाओं के सरलीकरण, त्वरित भूमि आवंटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का लाभ जिलें तक पहुंचा है। नीमच का औद्योगिक विकास “डबल इंजन इंडस्ट्रियल ग्रोथ मॉडल”का सशक्त उदाहरण है। उक्त जानकारी देते हुएएमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने बताया कि “मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की उद्योग हितैषी सोच से नीमच, मालवा का बड़ा इंडस्ट्रियल हब बना है। झांझरवाड़ा में सभी प्लॉट्स आवंटित हो चुके हैं और नए निवेश प्रस्ताव लगातार मिल रहे हैं। टेक्सटाइल, डेनिम और ग्रीन इंडस्ट्री से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। चीताखेड़ा का नया औद्योगिक क्षेत्र नीमच को प्रदेश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में स्थापित करेगा।” उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में नीमच टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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