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मालदा कांड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, NIA करेगी जजों पर हमले की जांच, बंगाल के चीफ सेक्रेटरी को लगायी फटकार

Posted on April 6, 2026

Malda Judicial Officers Attack NIA Investigation: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. सोमवार को शीर्ष अदालत ने अपनी ‘असीमित शक्तियों’ का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे मामले की जांच एनआईए (NIA) को सौंप दी.

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्य की नौकरशाही में राजनीति घुस गयी है और इसकी विश्वसनीयता लगातार गिर रही है. मुख्य सचिव को फटकार – चीफ जस्टिस का फोन क्यों नहीं उठाया? सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की पीठ ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुश्यंत नरियाला को कड़ी फटकार लगायी.

कोर्ट इस बात से नाराज था कि 1 अप्रैल को जब मालदा में जजों को भीड़ ने घेर रखा था, तब मुख्य सचिव ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन तक नहीं उठाया. कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे इस लापरवाही के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से तुरंत माफी मांगें.

पीठ ने कहा कि यह घटना पूरी तरह से जिला प्रशासन की विफलता को दर्शाती है. 26 आरोपियों से पूछताछ करेगी NIA सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि मालदा हिंसा के सिलसिले में राज्य पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये 26 आरोपियों से अब एनआईए पूछताछ करेगी. कोर्ट ने साफ किया कि भले ही आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हों, एनआईए उनसे सवाल-जवाब कर सकती है.

कोर्ट का मानना है कि एसआईआर (SIR) कार्य में लगे जजों को घंटों बंधक बनाना एक ‘पूर्व-नियोजित’ साजिश थी, जिसका मकसद किसी विशेष उद्देश्य को पूरा करना था. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Malda Judicial Officers Attack NIA Investigation: 700 जजों की फौज निपटा रही है 60 लाख दावे पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के कुल 700 न्यायिक अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में लगाया गया है.

ये अधिकारी मतदाता सूची से बाहर किये गये 60 लाख से अधिक लोगों के दावों और आपत्तियों का निपटारा कर रहे हैं. मालदा में इसी काम के दौरान 7 जजों को करीब 9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और उन पर हमला हुआ था. इसे भी पढ़ें : सुकांत मजूमदार का दावा- फर्जी वोटरों को बचाने के लिए जजों को बनाया बंधक, मालदा कांड की NIA जांच से डरी TMC? जजों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट की इस कार्रवाई से बंगाल के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.

कोर्ट ने साफ कर दिया है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जायेगा. इसे भी पढ़ें वोटर लिस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का आधी रात वाला अल्टीमेटम, आज ही होगा 60 लाख दावों पर फैसला मालदा कांड में ‘विलेन’ कौन? TMC ने 3 फोटो जारी कर किया बड़ा धमाका टीएमसी पर भाजपा का हमला- मालदा कांड जंगलराज, रोहिंग्या प्रेम और लोकतंत्र पर काला धब्बा, ममता बनर्जी से मांगा इस्तीफा मालदा में आधी रात को हाई-वोल्टेज ड्रामा, 3 महिला जजों समेत 7 लीगल अफसर को भीड़ ने घेरा, लाठीचार्ज के बाद हुआ रेस्क्यू.

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