Skip to content
Zelo Electric Scooter
malwafirst.in
Menu
  • होम
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • मध्यप्रदेश
    • नीमच
    • मंदसौर
    • रतलाम
    • भोपाल
    • इंदौर
    • जबलपुर
    • ग्वालियर
  • राजस्थान
    • जयपुर
    • चित्तौड़गढ़
    • भीलवाड़ा
    • प्रतापगढ़
    • उदयपुर
    • कोटा
  • विविध
    • खेल
    • जीवन शैली
    • टेक
    • धर्म
    • बिज़नस
    • मनोरंजन
    • स्वास्थ्य
  • मंडी भाव
  • ई-पेपर
  • Video
Menu

बारिश के पानी से रिचार्ज होगा भूजल, कोलकाता नगर निगम की अनूठी पहल

Posted on July 15, 2026

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट वैश्विक जलवायु परिवर्तन का बहुत बुरा असर अब महानगर कोलकाता पर भी साफ देखने को मिल रहा है. बदलते पर्यावरण के कारण जहां एक ओर मानसून में बारिश का पूरा पैटर्न बदल गया है, वहीं दूसरी ओर कोलकाता की पारंपरिक जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) काफी पुरानी और नाकाफी साबित हो रही है.

नतीजतन, मानसून के दौरान कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले नागरिकों को भारी जलजमाव और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस गंभीर संकट को देखते हुए कोलकाता नगर निगम के ड्रेनेज विभाग ने एक बेहद आधुनिक और व्यावहारिक समाधान निकाला है. इस नयी पहल के जरिए विभाग का लक्ष्य एक साथ दो बड़ी नागरिक समस्याओं को हल करना है.

50 से अधिक स्थानों पर शुरू हुआ काम, रिचार्ज होगा भूजल ड्रेनेज विभाग ने कोलकाता में ‘वॉटर पॉकेट्स’ यानी जलजमाव वाले सबसे प्रभावित क्षेत्रों के रूप में 50 से अधिक स्थानों की पहचान की है. इन सभी चयनित जगहों पर बारिश के पानी को तुरंत इकट्ठा करने के लिए विशेष भूमिगत जलाशय बनाये जा रहे हैं.

भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जमा होने वाले पानी को इन जलाशयों में मोड़ा जायेगा. इसके बाद आधुनिक मशीनों और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करके इस जमा पानी को पूरी तरह फिल्टर किया जायेगा. साफ किये गये इस पानी को मजबूत पाइपों के माध्यम से सीधे जमीन के नीचे भेजा जायेगा, जिससे महानगर के तेजी से घटते भूजल स्तर (ग्राउंड वॉटर लेवल) को फिर से भरने और रिचार्ज करने में बड़ी मदद मिलेगी.

शहर भर में 50 से अधिक स्थानों पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम पहले ही शुरू किया जा चुका है. ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता से अधिक होती है बारिश मौसम के अनियमित पैटर्न की वजह से कोलकाता में हर साल कम समय में भारी बारिश दर्ज की जा रही है. यह अचानक होने वाली तेज बारिश पूरे महानगर को जलमग्न कर देती है, क्योंकि जमा होने वाला पानी कोलकाता के ड्रेनेज नेटवर्क की एक घंटे के भीतर नहरों में पानी पंप करने की सीमित क्षमता से कहीं अधिक होता है.

नतीजतन, जलस्तर घंटों तक कम नहीं होता और सड़कों, गलियों, दुकानों तथा घरों में बड़े पैमाने पर पानी भर जाता है. इस समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए निगम के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा लंबे समय से गहन योजना बनायी जा रही थी, जिसके बाद आखिरकार यह वाटर रिचार्जिंग का समाधान खोजा गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि यह पहल जलभराव के खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती, लेकिन इससे संकट की तीव्रता काफी हद तक कम हो जायेगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 90 मीटर की गहराई तक पहुंचेगा साफ पानी निगम के एक वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी ने परियोजना की कार्यप्रणाली स्पष्ट करते हुए बताया कि शुरुआत में इस योजना को 50-55 चिह्नित वॉटर पॉकेट्स में युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है.

वहां आधुनिक फिल्ट्रेशन यूनिट्स लगायी जा रही हैं. सड़क पर जमने वाले पानी को प्रोसेस करने के बाद पाइप के जरिये जमीन के नीचे करीब 70 से 90 मीटर की गहराई पर मौजूद प्राकृतिक रेतीली परत तक सुरक्षित पहुंचाया जायेगा. इससे प्रदूषित पानी के बजाय पूरी तरह साफ पानी जमीन के भीतर जायेगा और धीरे-धीरे शहर का भूजल स्तर फिर से ऊपर आ जायेगा.

ड्रेनेज विभाग इस शुरुआती चरण की सफलता और नतीजों के आंकलन के बाद इस आधुनिक उपाय को महानगर के कई अन्य जलभराव वाले इलाकों में भी विस्तार देगा. Also Read: पश्चिम बंगाल बनेगा देश का ‘सीड हब’, खुलेंगे चार कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र.

शेयर करें: WhatsApp Facebook

इस खबर को शेयर करें:

WhatsAppFacebook

यूट्यूब लाइव न्यूज़

▶️
Malwa First YouTube

क्षेत्र की तमाम वीडियो खबरें और लाइव अपडेट्स सबसे पहले देखें।

Subscribe Channel

फेसबुक अपडेट्स

Follow on Facebook

Recent Posts

  • छात्रावास की सुविधा से हरीश की पढ़ाई को मिली नई उड़ान
  • नवम राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिले में पोषण एवं नशा मुक्ति जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम किए गए आयोजित
  • चलित खाद्य प्रयोगशाला ने विद्यार्थियों को मिलावट की पहचान और स्वस्थ खान-पान के प्रति किया जागरूक
  • अवैध मदिरा के विरुद्ध आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
  • सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को 50 हजार दीपों से जगमगाएगा किलेश्वर महादेव मंदिर परिसर

Recent Comments

  1. A WordPress Commenter on Hello world!
©2026 malwafirst.in | Design: Newspaperly WordPress Theme