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देश और प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदल देगी विकसित भारत जी-राम-जी योजना:प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

Posted on January 10, 2026

नीमच :-

 

 

➡यह योजना मजदूर और किसान दोनों के लिए लाभकारी, ग्रामीण विकास में होगी सहायक

➡मजदूरों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी

➡अब कृषि श्रमिक भी उपलब्ध हो सकेंगे, आजीविका के स्थायी स्रोत विकसित किए जाएंगे

➡ग्रामीण कौशल और उद्यमिता में भी होगी वृद्धि

➡बेरोजगारी भत्ता देना होगा, विलम्बित मजदूरी के रूप में श्रमिकों को मिलेगी अतिरिक्त राशि

➡विकसित भारत जी-राम-जी योजना में जवाबदेहिता और पारदर्शिता पर है पूरा जोर

प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि गांवों, गरीबों और किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

➡क्या है विकसित भारत जी-राम-जी ?

नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि देश के सभी गांवों, गरीबों और किसानों के चहुमुखी विकास एवं जरूरतमंदों को ग्राम स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए ही केन्द्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी जी-राम-जी अधिनियम 2025 लागू किया गया है। ‘हर हाथ को काम’ मुहैया कराने के लिए इस अधिनियम में एक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। मनरेगा अधिनियम में रोजगार की यह गारंटी मात्र 100 दिन की थी। महिला एवं बाल विकास तथा जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि वीबी जी-राम-जी योजना देश के सभी गांवों की तस्वीर बदल देगी है। यह गरीबों, खेतीहर मजदूरों, किसानों सभी के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना से गांवों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।

प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने यह जानकारी सर्किट हाउस नीमच में स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजनों से संवाद करते हुए दी। इस मौके पर विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा , विधायक नीमच श्री दिलीप सिह परिहार, मनासा श्री अनिरूद्ध मारू, जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्री सज्‍जनसिह चौहान, जिला अध्‍यक्ष श्रीमती वंदना खण्‍डेलवाल, कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्राएवं अन्‍य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे।

➡कार्य योजना बनाकर मिशन को देंगे गति

प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए हम समुचित कार्य योजना बनाने जा रहे हैं। इससे मिशन को गतिपूर्वक संचालित किया जाएगा। इसमें गोपालन को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही कई अन्य सुधार भी इस अधिनियम के दायरे में रहकर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर जिले में स्टॉल्स, मार्केट आदि लगाने की व्यवस्थाएं भी की जाएगी। हमने तय किया है कि हर जिले में स्टॉल्स के माध्यम से किसानों के प्राकृतिक उत्पाद आमजन को उपलब्ध कराएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए हम सभी किसानों को आवश्यकतानुसार अनुदान भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में पहले 6 प्रतिशत प्रशासनिक अमला तैनात किया गया था। विकसित भारत जी-राम-जी योजना में इस कार्यकारी अमले की तादाद बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। इससे योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेहिता बढ़ेगी, साथ ही सभी गतिविधियों को पूरी पारदर्शिता से अंजाम दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार तय मानकों के आधार पर देश के हर राज्य को एक निश्चित राशि भी देगी। अधिनियम में ग्रामीण आजीविका निर्माण के स्थाई स्रोत विकसित करने पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीणों के देशज ज्ञान, कौशल, उद्यमिता और उनमें निहित कला प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

➡ बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा

प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बताया कि इस अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता और विलम्बित मजदूरी देने का प्रावधान भी रखा गया है। इसमें तहत यदि किसी ग्रामीण परिवार को उसके मांग करने के बावजूद तय समय सीमा के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो राज्य सरकार तय की गई दरों एवं शर्तों के अनुसार संबंधित मांगकर्ता परिवार को बेरोजागारी भत्ता देने के लिए भी बाध्य होगी। इसी तरह काम पूरा कर लेने के बाद भी यदि किसी कारणवश मजदूर को उसकी निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, तो मुआवजे के तहत उसे विलम्बित मजदूरी के रूप में अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान भी इस अधिनियम में है।

➡ पंचायती राज संस्थाओं की होगी पूरी जिम्मेदारी

प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि हितग्राहीमूलक रोजगार कार्यों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गैर अधिसूचित जनजातियां, खानाबदोश, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, भूमि सुधार के हितग्राही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं वन अधिकार अधिनियम के हितग्राही, छोटे और सीमान्त किसानों को इस अधिनियम में प्राथमिकता दी जायेगी। अधिनियम में पंचायती राज संस्थाओं – ग्रामसभा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत तथा राज्य रोजगार गारंटी परिषद को भी स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई है।

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