प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम की विद्यालयवार समीक्षा, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देश 1

प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम की विद्यालयवार समीक्षा, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देश

प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा नीमच में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने की। 10वीं-12वीं के नतीजों में सुधार, डी–ई श्रेणी के छात्रों पर फोकस और मेरिट बढ़ाने के निर्देश।

नीमच। जिले में आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष, नीमच में जिले के सभी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य, संकुल प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एवं जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने की, जिसमें कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों की विद्यालयवार और विषयवार गहन समीक्षा की गई।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुजानमल मांगरिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी एक माह तक सभी शिक्षक और प्राचार्य पूरी मेहनत के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि जिले का एक भी विद्यार्थी अनुत्तीर्ण न रहे।


प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, नीमच जिले में आयोजित प्री-बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10वीं का परिणाम 89.5 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का परिणाम 85.9 प्रतिशत दर्ज किया गया है। यह परिणाम अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तुलना में काफी बेहतर बताया गया। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने इस सुधार को संतोषजनक बताते हुए कहा कि यदि इसी तरह निरंतर प्रयास किए गए तो जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम प्रदेश स्तर पर फिर से पहले स्थान पर आ सकता है।

प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम की विद्यालयवार समीक्षा, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देश 1

उन्होंने कहा कि नीमच जिला पहले भी बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रह चुका है और इस गौरव को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।


डी और ई श्रेणी के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस

कलेक्टर ने विद्यालयवार एवं विषयवार परिणामों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्राचार्य डी और ई श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार करें और उन पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आगामी एक माह में इन श्रेणियों के विद्यार्थियों की श्रेणी में सुधार लाकर उन्हें ए श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं, विशेष अभ्यास सत्र और विषयवार मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाए। प्रत्येक शिक्षक अपने-अपने विषय में कमजोर छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान दें और उनकी प्रगति का साप्ताहिक मूल्यांकन करें।


उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को बधाई

बैठक में कलेक्टर श्री चंद्रा ने प्री-बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों को बधाई दी। इनमें प्रमुख रूप से बराड़ा, गर्ल्स रामपुरा, उत्कृष्ट नीमच और सरोदास स्कूल शामिल रहे।

कलेक्टर ने कहा कि इन विद्यालयों ने यह साबित कर दिया है कि सही रणनीति, निरंतर अभ्यास और शिक्षकों की मेहनत से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने अन्य विद्यालयों से भी इन स्कूलों की कार्यप्रणाली से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।


कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों को सख्त निर्देश

वहीं दूसरी ओर, जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर रहा, उनके प्राचार्यों को कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वे परिणाम सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की सहायता और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए।

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विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग पर जोर

कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति को समझना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए कि प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम के पश्चात विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग की जाए ताकि वे आत्मविश्वास के साथ बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकें।

काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, परीक्षा रणनीति, तनाव प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाए।


निधानात्मक कक्षाएं और उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण

बैठक में कलेक्टर ने विषयवार उत्तर पुस्तिकाओं के विश्लेषण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समझना आवश्यक है कि विद्यार्थी किन प्रश्नों में बार-बार गलतियां कर रहे हैं और किस विषय में उनकी पकड़ कमजोर है।

इसी के आधार पर निधानात्मक कक्षाओं (Remedial Classes) का संचालन किया जाए, जिसमें उन टॉपिक्स पर विशेष फोकस किया जाए जिनमें अधिकांश विद्यार्थी कमजोर पाए गए हैं।


नियमित उपस्थिति और सतत मूल्यांकन

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षा तक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, उनके परिणाम स्वाभाविक रूप से बेहतर होंगे।

साथ ही उन्होंने निरंतर और व्यापक मूल्यांकन प्रणाली अपनाने की बात कही, ताकि समय रहते कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके।


उत्कृष्ट शिक्षकों को मिलेगा सम्मान

बैठक में कलेक्टर श्री चंद्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुजानमल मांगरिया को निर्देश दिए कि उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों और शिक्षकों की सूची तैयार की जाए। ऐसे शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।


नीमच जिले की शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

कुल मिलाकर यह बैठक नीमच जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के स्पष्ट और व्यावहारिक निर्देशों से यह उम्मीद की जा रही है कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में नीमच जिला एक बार फिर प्रदेश में अव्वल स्थान हासिल करेगा।

शिक्षा विभाग, प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी – सभी एकजुट होकर यदि पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें, तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी

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