ग्राम जीरन, विकासखंड नीमच निवासी किसान श्री गोविंद पाटीदार ने बताया कि वे लंबे समय से पारंपरिक खेती के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे थे। पारंपरिक खेती से उनकी वार्षिक आय लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये ही हो पाती थी। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर योजना के तहत नवीन बगीचा स्थापना की जानकारी मिली। श्री पाटीदार ने बताया कि योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपनी 2 हेक्टेयर भूमि में संतरे का बगीचा स्थापित किया। इसके लिए उन्हें योजना के अंतर्गत लगभग 1 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि अनुदान से उन्हें बगीचा स्थापित करने में आर्थिक सहयोग मिला और पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसल अपनाने का अवसर मिला। श्री पाटीदार के अनुसार, संतरे की खेती शुरू करने के बाद उनकी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पहले उनकी वार्षिक आय लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये थी, वहीं अब वे संतरे की खेती से लगभग 8 से 10 लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। आय में हुई इस वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है तथा बच्चों की पढ़ाई और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा हो रही है। उन्होंने बताया कि एमआई डी एयोजना ने उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी आधारित खेती अपनाने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर दिया। अब वे अपने कृषि कार्य को और विस्तार देने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। श्री गोविंद पाटीदार ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्यानिकी जैसी लाभकारी कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली योजनाएं किसानों के लिए आय बढ़ाने का बेहतर अवसर प्रदान कर रही हैं।
स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)


