ग्राम भाटखेड़ी निवासी 11 वर्षीय बालक धर्मपाल, पिता श्री मंगल की उपचार के दौरान हुई आकस्मिक मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अक्टूबर 2026 की शाम बालक धर्मपाल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री सुनील पाटीदार के उप स्वास्थ्य केंद्र मोपा द्वारा संचालित निजी क्लीनिक, शीतल बागा, मनासा लाया गया था। उपचार के दौरान बालक को इंजेक्शन लगाए जाने के पश्चात उसकी मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद परिजन बालक के शव को सिविल अस्पताल मनासा लेकर पहुंचे, जहां शासकीय चिकित्सा अधिकारी द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत बालक को मृत घोषित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना प्रभारी, पुलिस थाना मनासा को तहरीर/सूचना दी गई। नियमानुसार शव परीक्षण की कार्रवाई के लिए 8 अक्टूबर 2026 को प्रातः शव को पुराने शासकीय अस्पताल मनासा परिसर स्थित शव परीक्षण कक्ष में रखा गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 8 अक्टूबर को शीतल बागा, मनासा स्थित संबंधित निजी क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक पर ताला लगा पाया गया। मौके का पंचनामा तैयार कर उक्त क्लीनिक को सीलबंद कर दिया गया है। साथ ही, संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री सुनील पाटीदार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किए जाने हेतु थाना प्रभारी, पुलिस थाना मनासा को तथा विभागीय वैधानिक कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नीमच को पत्र प्रेषित किया गया है।
स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)

