नीमच सिंगोली सड़क निर्माण: कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश economic growth – 1

नीमच सिंगोली सड़क निर्माण: कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश
नीमच सिंगोली सड़क निर्माण कार्य का कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने निरीक्षण किया। डीपीआर मानकों के अनुसार उच्च गुणवत्ता व समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश।
नीमच सिंगोली सड़क निर्माण: गुणवत्ता और समय-सीमा पर सख्त कलेक्टर
नीमच जिले में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत नीमच से सिंगोली तक लगभग 85 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार को इस सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए एम.पी.आर.डी.सी. (MPRDC) एवं संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि डी.पी.आर. (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में निर्धारित सभी मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रा के साथ लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अमित नार्गेश, एम.पी.आर.डी.सी. के सहायक प्रबंधक श्री राहुल बरडे, एसडीएम श्रीमती प्रीति संघवी, तहसीलदार श्री नवीन गर्ग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया की गहनता से समीक्षा की गई।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
कलेक्टर ने नीमच से जनकपुर तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन कर मौके पर ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने मालखेड़ा से आगे निर्माणाधीन सड़क पर बिछाई गई मुरम और गिट्टी की लेयर के सैंपल लेकर जांच करवाने के निर्देश दिए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री मानकों के अनुरूप है या नहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के दौरान प्रत्येक लेयर बिछाने के बाद उसका समुचित कम्प्रेशन (संपीड़न) अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि सड़क की मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि यदि प्रारंभिक चरण में ही गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में सड़क जल्दी खराब हो सकती है, जिससे शासन के संसाधनों की हानि होगी।
नाली और पुलिया निर्माण का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान सेमली चंद्रावत क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर बन रही नालियों का अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी की व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए, ताकि बरसात के मौसम में सड़क पर पानी जमा न हो और सड़क की संरचना प्रभावित न हो।
इसके अलावा, सरवानिया महाराज के पास सड़क निर्माण कार्य में लगे रोड रोलर से की जा रही रोलिंग प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों से रोलिंग की तकनीक और मानकों की जानकारी ली। सरवानिया महाराज से मोरवन के बीच निर्माणाधीन पुलिया के कार्य को भी देखा गया और निर्देश दिए गए कि पुलिया निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।

गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला का निरीक्षण
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जनकपुर के आगे नीमच–सिंगोली मार्ग पर क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा स्थापित की गई प्लांट एवं मटेरियल गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सड़क निर्माण में प्रयुक्त की जा रही सामग्री की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली प्रत्येक सामग्री की नियमित जांच जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे और आम जनता को बेहतर सड़क सुविधा मिले। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाए।
आमजन को मिलेगा सीधा लाभ
नीमच से सिंगोली तक 85 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस सड़क के निर्माण से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस सड़क से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा है कि नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सड़कें उपलब्ध कराई जाएं।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर श्री चंद्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी से जनता को परेशानी होती है और परियोजना लागत भी बढ़ सकती है। इसलिए कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि निर्माण एजेंसी को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, ताकि परियोजना की प्रगति पर नजर रखी जा सके।
नीमच सिंगोली सड़क निर्माण:
नीमच सिंगोली किमी सड़क निर्माण परियोजना जिले के विकास की दिशा में एक अहम कदम है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देशों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर गंभीर है। यदि यह परियोजना निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी होती है, तो इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और विकास को नई गति मिलेगी।
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