नीमच। मनासा तहसील के ग्राम पिपलियाहाड़ी निवासी किसान श्री हरीश पाटीदार ने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों और नवाचार को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी व्यवसाय में बदलने की मिसाल पेश की है। गेहूं, चना, धनिया और लहसुन जैसी पारंपरिक फसलों से शुरुआत करने वाले श्री पाटीदार ने बदलते समय और बाजार की मांग को देखते हुए ड्रैगन फ्रूट, गुलाब और गेंदे की खेती को अपनाया। इससे उनकी कृषि आय में लगभग दोगुना इजाफा हुआ है। नई सोच ने बदली खेती की दिशा श्री पाटीदार बताते हैं कि पारंपरिक फसलों में बढ़ती लागत, मजदूरी और उर्वरकों के उपयोग के बावजूद अपेक्षित आमदनी नहीं हो पा रही थी। ऐसे में उन्होंने उद्यानिकी फसलों की संभावनाओं को समझा और नई फसलों के साथ प्रयोग शुरू किया। वर्ष 2023 में उन्होंने अपने मित्र श्री महेश भट्ट के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। पहले वर्ष करीब 2 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। वर्तमान वर्ष में लगभग 3 टन उत्पादन हो चुका है तथा आगामी दो माह में करीब 3 टन अतिरिक्त उत्पादन की उम्मीद है। इसके बाद वर्ष 2024 में एक एकड़ क्षेत्र में डिवाइन गुलाब की खेती शुरू की। पहले ही वर्ष करीब 6.40 लाख रुपये की आमदनी हुई। वर्तमान में लगभग एक टन गुलाब का उत्पादन प्रतिमाह हो रहा है। वर्ष 2025 में लगभग 11,500 पौधों से 135 क्विंटल गेंदे का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में बेहतर भाव मिलने से इस फसल से भी अच्छा लाभ अर्जित हुआ। नवाचार का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में करीब दो एकड़ क्षेत्र में 14 हजार पौधों की बोर्डेक्स वैरायटी के कट फ्लावर गुलाब लगाए गए हैं, जिनसे उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। योजनाओं और मार्गदर्शन से मिला संबल श्री पाटीदार ने बताया कि उद्यानिकी फसलों को अपनाने में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, आत्मा परियोजना तथा संबंधित अधिकारियों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिला। एमआईडीएच योजना के माध्यम से आवश्यक रोपण सामग्री उपलब्ध कराई गई। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए भी एमआईडीएच योजना के अंतर्गत आवेदन किया गया है, जिसका कार्यादेश जारी हो चुका है। किसानों के लिए प्रेरणा श्री हरीश पाटीदार का कहना है कि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों और कृषि नवाचार को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बाजार की मांग, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीक को अपनाने से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। श्री पाटीदार ने किसान हितैषी योजनाओं और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)

