शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर मेहनत और लगन से स्वरोजगार को सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। नीमच जिले की ग्राम पंचायत हार्कियाखाल निवासी पशुपालक श्री रोहित पाटीदार ने आचार्य विद्यासागर योजना का लाभ लेकर डेयरी व्यवसाय को आय का मजबूत आधार बनाया है। श्री रोहित पाटीदार ने पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना के माध्यम से 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर डेयरी व्यवसाय शुरू किया। योजना के तहत उन्हें 1.50 लाख रुपये का अनुदान भी मिला। उन्होंने शुरुआत में महज 2 गायों से डेयरी व्यवसाय प्रारंभ किया था। निरंतर मेहनत और बेहतर पशुपालन प्रबंधन के परिणामस्वरूप आज उनकी डेयरी में 19 गायें हैं और प्रतिदिन लगभग 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। डेयरी में ऑस्ट्रेलियन, साहीवाल सहित विभिन्न नस्लों की गायें हैं। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी, बेहतर रख-रखाव और आवश्यक आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। डेयरी में ऑटोमेटिक पानी की मशीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे पशुओं के प्रबंधन में सुविधा हो रही है। श्री पाटीदार बताते हैं कि डेयरी व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। अब उनका लक्ष्य डेयरी का और विस्तार करते हुए 50 गायों तक पशुधन बढ़ाना और हाईटेक डेयरी स्थापित करना है। श्री रोहित पाटीदार ने आचार्य विद्यासागर योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं से मिली सहायता ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर दिया है।
स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)

