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सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों के कौशल विकास एवं रोजगार पर कार्यशाला आयोजित

रिपोर्टर: mawafirstnews@gmail.com
📅 09 Oct 2026, 09:47 AM
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सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों के कौशल विकास एवं रोजगार पर कार्यशाला आयोजित

सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत दिव्यांगजनों को कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रेडक्रॉस भवन, नीमच में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें दिव्यांगजनों को रोजगारपरक प्रशिक्षण, करियर काउंसलिंग एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यशाला में दिव्यांगजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ट्राइसाइकिल, ई-रिक्शा और पेंशन जैसी सुविधाओं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। ई-रिक्शा से मजबूत हुई आजीविका ग्राम मेलानखेड़ा के सत्यनारायण ने बताया कि दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से उन्हें ट्राइसाइकिल और बाद में ई-रिक्शा मिला। अब वे ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसी तरह, दीपमाला यादव ने बताया कि पहले वे घरों में काम करके अपने दो बच्चों का पालन-पोषण करती थीं। पुनर्वास केंद्र की सहायता से दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं पेंशन की सुविधा मिली। बाद में ई-रिक्शा मिलने से उनकी आजीविका का साधन मजबूत हुआ। ग्राम दशरथ के नायक ने भी बताया कि मोटर ट्राइसाइकिल की सहायता से उन्होंने दूध संग्रहण एवं डेयरी तक पहुंचाने का काम शुरू किया। बाद में पशुपालन से भी आय अर्जित करने लगे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। संघर्ष और सफलता की कहानियों ने किया प्रेरित मूक-बधिर संघ के अध्यक्ष अशोक ऐरन ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि चुनौतियों के बावजूद शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने नगर पालिका नीमच में नौकरी की और परिवार का भरण-पोषण किया। दृष्टिबाधित राजेश उपाध्याय ने भी अपनी संघर्ष यात्रा साझा की। वे वर्तमान में निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की दी जानकारी कार्यशाला में अतिरिक्त सीईओ एवं उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग अरविंद डामोर ने दिव्यांगजनों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया। जिला चिकित्सालय के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार कारपेंटर ने मानसिक स्वास्थ्य एवं उपचार सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की प्रतिनिधि नितेंद्री दोहरे ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के बारे में बताया। रेडक्रॉस सचिव ने दिव्यांगजनों को वाधवा हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी। कार्यशाला का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना रहा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, दिव्यांगजनों के संगठनों के पदाधिकारी एवं अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)

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