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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न, कलेक्टर ने स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के दिए निर्देश

रिपोर्टर: mawafirstnews@gmail.com
📅 29 Sep 2026, 12:15 PM
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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न, कलेक्टर ने स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के दिए निर्देश

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 6 अक्टूबर को समस्त लक्षित वर्ग का कृमिनाशन सुनिश्चित करने के निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय एवं मलेरिया नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना, आयुष्मान भारत, परिवार कल्याण सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री चंद्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन, हाई रिस्क गर्भावस्था का चिन्हांकन तथा उसका उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेक्टर मेडिकल ऑफिसरों को एएनसी पंजीयन एवं हाई रिस्क महिलाओं के चिन्हांकन और प्रबंधन की नियमित समीक्षा करने तथा अनमोल एवं यू-विन पोर्टल का स्वयं संचालन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के प्रमुख निर्देश · प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम त्रैमास में पंजीयन कर उसका समग्र आईडी बनवाते हुए अनमोल पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित करें। · गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व कम से कम चार स्वास्थ्य जांच स्वास्थ्य संस्थाओं में कराना सुनिश्चित करें। · सभी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का संभावित प्रसव तिथि से 15 दिन पूर्व प्रतिदिन ट्रैकिंग शुरू करें और उनका प्रसव उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्था में ही हो, यह सुनिश्चित करें। · पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को आयु अनुसार सभी आवश्यक टीके लगना सुनिश्चित करें। · टीकाकरण में प्रतिरोधी परिवार वाले क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें। · कम उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं को विशेष देखभाल एवं आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय से कार्य करें। · सिंगोली एवं मनासा के एनबीएसयू का जिला टीकाकरण अधिकारी नियमित भ्रमण कर सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाएं। · राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी माह में सघन सर्वे कर जन्मजात विकृतियों वाले बच्चों का चिन्हांकन सुनिश्चित करें। · मातृ मृत्यु, बाल एवं शिशु मृत्यु, एचबीएनसी, क्षय नियंत्रण, मलेरिया नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना के भुगतान, आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रगति में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। 6 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस बैठक में 6 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मुकेश मोरिया ने अभियान की तैयारियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत तथा शाला त्यागी सभी लक्षित बच्चों का आवश्यक रूप से कृमिनाशन कराया जाना सुनिश्चित करें। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 6 अक्टूबर को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी, जबकि मॉप-अप दिवस 9 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 6 अक्टूबर को दवा लेने से छूटे बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र पाटील, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश गुप्ता, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, समस्त नोडल अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)

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