नीमच। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिले में दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वार्ड क्रमांक 08, भगवानपुरा निवासी श्रीमती दीपमाला यादव इसका प्रेरक उदाहरण हैं। 41 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और आज ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।आर्थिक कठिनाइयों के बीच परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए दीपमाला ने लंबे समय तक दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और खाना बनाने का काम किया। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। उनकी इच्छा थी कि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू करें, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकें।इसी दौरान जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की टीम के संपर्क में आने पर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिली। टीम के मार्गदर्शन में उनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनवाया गया तथा पात्रता के अनुसार निःशक्त पेंशन शुरू कराने में भी सहयोग किया गया।स्वरोजगार के लिए दीपमाला ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद जिला प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा दिव्यांग संगठनों के समन्वय से दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए गए। इसी क्रम में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत 27 सितंबर 2025 को सीएसआर मद से दीपमाला को ई-रिक्शा प्रदान किया गया।ई-रिक्शा मिलने के बाद दीपमाला ने आत्मविश्वास के साथ अपना रोजगार शुरू किया। वे प्रतिदिन नीमच शहर में ई-रिक्शा चलाती हैं और करीब 500 रुपये प्रतिदिन की आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग 15 हजार रुपये है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और बच्चों की शिक्षा सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।दीपमाला कहती हैं कि शासन की योजनाओं, जिला प्रशासन और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के सहयोग से मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला। ई-रिक्शा मिलने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब मैं स्वयं काम करके अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हूं और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत कर रही हूं।दीपमाला यादव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।
स्रोत: जनसंपर्क कार्यालय, नीमच (MPINFO)


