निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर: ग्राम हिंगोरिया में 74 लाभार्थियों की जांच | राष्ट्रीय आयुष मिशन नीमच, Beneficial

निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर: ग्राम हिंगोरिया में 74 लाभार्थियों की जांच | राष्ट्रीय आयुष मिशन नीमच
निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर ग्राम हिंगोरिया में आयोजित हुआ, जहां 74 लाभार्थियों की जांच कर दवाइयां वितरित की गईं। राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर जमुनियाकला नीमच की पहल।
निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर: ग्राम हिंगोरिया में 74 लाभार्थियों को मिला स्वास्थ्य लाभ
नीमच जिले के ग्राम हिंगोरिया में शनिवार को एक सराहनीय जनस्वास्थ्य पहल के तहत निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संचालनालय आयुष मध्यप्रदेश, भोपाल के आदेशानुसार राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत संचालित जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयोजित हुआ। शिविर का आयोजन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) जमुनियाकला, जिला नीमच द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, विशेषकर वृद्धजनों, को उनके गांव में ही आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना था।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत जनस्वास्थ्य पहल
राष्ट्रीय आयुष मिशन भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को सुरक्षित, सस्ती और प्रभावी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इसी कड़ी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) जमुनियाकला द्वारा ग्राम हिंगोरिया में यह निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिससे ग्रामीणों को बिना किसी खर्च के स्वास्थ्य जांच और दवाइयों का लाभ मिल सका।
वृद्धजनों का हुआ विशेष स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में विशेष रूप से वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा उनकी सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, रक्तचाप, शुगर लेवल, जोड़ों की स्थिति और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं की जांच की गई।
इस शिविर में कुल 74 लाभार्थियों की जांच की गई, जिनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिला और पुरुष शामिल रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि दूर शहर जाकर इलाज कराना उनके लिए मुश्किल होता है, ऐसे में गांव में ही आयोजित यह शिविर उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।

आमवात और संधिवात पर दी गई विस्तृत जानकारी
शिविर के दौरान आमवात (Rheumatoid Arthritis) और संधिवात (Osteoarthritis) जैसी आम बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ता तनाव इन रोगों के प्रमुख कारण हैं।
लाभार्थियों को समझाया गया कि नियमित आयुर्वेदिक उपचार, सही आहार और जीवनशैली में सुधार से जोड़ों के दर्द, सूजन और अकड़न जैसी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
योग, व्यायाम और संतुलित आहार पर जोर
शिविर में केवल दवाइयों तक ही सीमित न रहकर लोगों को नियमित योग, व्यायाम, संतुलित आहार और जीवनशैली सुधार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
चिकित्सकों ने सरल योगासन और प्राणायाम की जानकारी दी, जिन्हें बुजुर्ग लोग भी आसानी से कर सकते हैं।
इसके साथ ही लोगों को मौसमी फल-सब्जियों के सेवन, अधिक पानी पीने, तले-भुने और अधिक नमक-तेल वाले भोजन से बचने की सलाह दी गई।

आयुर्वेदिक औषधियों का नि:शुल्क वितरण
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद रोगियों को उनकी बीमारी के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियां नि:शुल्क वितरित की गईं।
इन औषधियों का उद्देश्य आमवात, संधिवात, पेट से जुड़ी समस्याएं, कमजोरी, अनिद्रा और अन्य सामान्य रोगों से राहत दिलाना था।
लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें पहली बार अपने गांव में इतनी व्यवस्थित और विशेषज्ञों द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवा मिली है।
शिविर में सहयोग करने वाली टीम
इस निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर को सफल बनाने में आयुष विभाग और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम का अहम योगदान रहा। शिविर में:
डॉ. विमला पाटीदार (CAMO)
श्रीमती भावना बैरागी (कम्पाउंडर)
श्री हरीश दास बैरागी (कम्पाउंडर, नीमच सिटी)
श्री विनीत सोनी (दवासाज)
श्रीमती प्रियंका अहीर (आशा कार्यकर्ता)
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
गोपाल दास बैरागी
का विशेष सहयोग रहा। सभी ने मिलकर शिविर को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया और प्रत्येक लाभार्थी को समय पर जांच, परामर्श और औषधि उपलब्ध कराई।
ग्रामीणों ने जताया आभार
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, आयुष विभाग और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जमुनियाकला की टीम का दिल से आभार जताया।
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि आयुर्वेदिक उपचार से उन्हें दुष्प्रभाव का डर नहीं रहता और धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार भी महसूस होता है।
बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें जोड़ों के दर्द में काफी राहत मिली है और वे आगे भी इस तरह के शिविरों का लाभ लेना चाहेंगे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर की भूमिका
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनते जा रहे हैं। यहां न केवल उपचार किया जाता है, बल्कि लोगों को बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
जमुनियाकला स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर लगातार ऐसे शिविरों का आयोजन कर रहा है, जिससे नीमच जिले के दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
भविष्य में और शिविर लगाने की योजना
आयुष विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आने वाले समय में नीमच जिले के अन्य गांवों में भी इसी तरह के निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं जिले के हर कोने तक पहुंचें और लोग प्राकृतिक एवं सुरक्षित उपचार का लाभ उठा सकें।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
ग्राम हिंगोरिया में आयोजित यह शिविर न केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम था, बल्कि यह ग्रामीण जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी था।
ऐसे आयोजनों से न केवल लोगों की सेहत सुधरती है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।
निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर
ग्राम हिंगोरिया में आयोजित यह निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर राष्ट्रीय आयुष मिशन की सफलता और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जमुनियाकला की सक्रिय भूमिका का सशक्त उदाहरण है।
74 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधियां वितरित करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना यह दर्शाता है कि आयुष सेवाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं।
ऐसे शिविर भविष्य में और अधिक गांवों में आयोजित हों, यही ग्रामीणों की भी अपेक्षा है।
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