राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: नीमच में 546 बच्चों को मिला निःशुल्क इलाज, कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा की पहल, Compassionate Governance

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: नीमच में 546 बच्चों को मिला निःशुल्क इलाज, कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा की पहल
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नीमच जिले में कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा के निर्देश पर जन्मजात विकृति व गंभीर रोगों से ग्रसित 546 बच्चों को निःशुल्क सर्जरी एवं उपचार का लाभ मिला।
नीमच। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नीमच जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी और सराहनीय पहल की गई है। कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के निर्देशानुसार जन्मजात विकृति एवं गंभीर रोगों से ग्रसित बच्चों के उपचार हेतु गहन सर्वे कर निःशुल्क सर्जरी एवं इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
माह अप्रैल 2025 से अब तक जिले में कुल 546 बच्चों को सर्जरी एवं उपचार का लाभ दिया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि सैकड़ों परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) का मुख्य उद्देश्य 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में चार प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। इसमें —
जन्मजात विकृतियां
बीमारियां
पोषण संबंधी कमियां
विकासात्मक देरी एवं अक्षमताएं
शामिल हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नीमच जिले में विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जो किसी कारणवश अब तक इलाज से वंचित रह गए थे।
गहन सर्वे से हुई सैकड़ों बच्चों की पहचान
कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त रूप से एक व्यापक सर्वे अभियान चलाया। इस अभियान के तहत गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से घर-घर जाकर बच्चों की स्थिति का आकलन किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र बच्चा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लाभ से वंचित न रहे।
546 बच्चों को मिला सर्जरी एवं उपचार का लाभ
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अप्रैल 2025 से अब तक जिले में कुल 546 बच्चों को विभिन्न प्रकार की सर्जरी एवं उपचार का लाभ दिया गया है। इनमें कई गंभीर और जटिल बीमारियों से ग्रसित बच्चे भी शामिल हैं।
अब तक किए गए प्रमुख उपचार इस प्रकार हैं —
कटे होंट एवं फटे तालू की सर्जरी: 12
कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी: 4
हृदय रोग की सर्जरी: 7
क्लब फुट की कास्टिंग व सर्जरी: 39
डेंटल संबंधित उपचार व सर्जरी: 284
अन्य सर्जरी एवं उपचार: 200
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला अभियान बन चुका है।

मान्यता प्राप्त निजी व शासकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क इलाज
जिन बच्चों को सर्जरी या विशेष उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों एवं शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
सरकार द्वारा वहन किए गए खर्च से माता-पिता पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। इससे गरीब एवं वंचित परिवारों को विशेष राहत मिली, जिनके लिए महंगे इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं था।
अभिभावकों ने जताया आभार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से लाभान्वित बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया।
एक अभिभावक ने बताया कि उनके बच्चे को जन्म से ही होंट एवं तालू की समस्या थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं हो पा रहा था। इस योजना के तहत निःशुल्क सर्जरी होने से अब उनका बच्चा सामान्य जीवन जी सकेगा।
इसी तरह कॉक्लियर इम्प्लांट से लाभान्वित बच्चों के माता-पिता ने कहा कि अब उनके बच्चों को सुनने और बोलने में आसानी होगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
विशेष अभियान लगातार जारी
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जो अब भी इलाज से वंचित हैं।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र बच्चा उपचार से वंचित न रहे और सभी बच्चों को समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला चिकित्सालय में संपर्क की सुविधा
जिन बच्चों में जन्मजात विकृति या किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं, उनके अभिभावक जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
यहां बच्चों की जांच कर उन्हें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क सर्जरी एवं उपचार के लिए पंजीकृत किया जाता है।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चल रही यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन किस प्रकार जरूरतमंदों तक वास्तविक लाभ पहुंचा सकता है।
कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के नेतृत्व में चलाया गया यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना रहा है, बल्कि जिले में एक सकारात्मक प्रशासनिक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
भविष्य में और तेज़ होगी रफ्तार
जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक शिविर लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी और आवश्यकता अनुसार उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नीमच जिले में 546 बच्चों को निःशुल्क सर्जरी एवं उपचार का लाभ मिलना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहल उन सैकड़ों परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है, जो लंबे समय से इलाज की राह देख रहे थे।
कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के निर्देशानुसार चल रहा यह अभियान निश्चित रूप से जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ भविष्य प्रदान करेगा।
Malwa First News
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