शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर किए श्रद्धा सुमन अर्पित

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर किए श्रद्धा सुमन अर्पित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर किए श्रद्धा सुमन अर्पित

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में दिनांक 23/1/2026 को भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य जेड एच बोहरा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रोफेसर शिवकोर कवचे,प्रोफेसर मठुआ अहिरवार द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती की अर्चना की गई सरस्वती वंदना का गायन बी.ए.प्रथम वर्ष की छात्राएं कशिश,हिना माली एवं तनीषा द्वारा किया गया तत्पश्चात कार्यक्रम का प्रारंभ प्रभारी प्राचार्य जेड एच बोहरा की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम का संचालन बी.ए.तृतीय वर्ष के विद्यार्थी यशवंत रेगर द्वारा किया गया प्रभारी प्राचार्य बोहरा द्वारा बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बसंत पंचमी प्रमुख ऋतु पर्व है इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती का अवतरण हुआ एवं बसंत ऋतु का आगाज होता है जिसमें चारों तरफ खुशहाली एवं सुख समृद्धि आ जाती है उन्होंने कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस हमारे देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी थे जिनके द्वारा देश को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रोफेसर मठुआ अहिरवार थे जिनके द्वारा कहा गया की बसंत पंचमी खुशी एवं उल्लास का पर्व है इस दिन पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं इस समय सरसों के पीले रंग के फूल खिल जाते हैं,यह किसानों का प्रमुख पर्व है इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना की जाती है वर्ष में छ: होती है यह ऋतु किसानों के लिए सुख समृद्धि लेकर आती है गेहुं एवं जौ में बाली आ जाती है चारों तरफ खुशहाली होती है उन्होंने बताया है कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस द्वारा हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान दिया उनके द्वारा दिल्ली चलो, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा,जय हिंद जैसे नारे दिये देश की आज़ादी में उनका अहम योगदान रहा भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रोफेसर शिवकोर कवचे द्वारा कहा गया है की बसंत पंचमी हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है वर्ष में छ: ऋतुओं में से यह प्रमुख ऋतु है जो माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी में मनाई जाती है प्रकृति के सुकुमार कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्मदिन भी बसंत पंचमी के दिन मनाया जता है बसंत पंचमी समृद्धि का पर्व है जिसमें खेतों में चारों तरफ फसले लहलहाती है उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किया गया और 18 अगस्त 1945 में उनका स्वर्गवास हो गया इस प्रकार देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके द्वारा अहम योगदान दिया गया कार्यक्रम में लोकगीत एवं लोक गायन प्रतियोगिता रखी गई जिसमें बी.ए.तृतीय वर्ष की छात्रा अर्पिता माली द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त किया गया नेताजी सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार एवं राष्ट्र निर्माण के आदर्श विषय पर परिचर्चा रखी गई जिसमें प्रथम स्थान बी.ए.तृतीय वर्ष की छात्रा चेरी जागीरदार,द्वितीय स्थान यशवंत रेगर,तृतीय स्थान बी.ए.प्रथम वर्ष की छात्रा हिना माली ने प्राप्त किया आभार बी.ए.तृतीय वर्ष की छात्रा चेरी जागीरदार द्वारा माना गया कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका डॉ.जितेंद्र पाटीदार एवं डॉ.सुरेश कुमार द्वारा निभाई गई कार्यक्रम के इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित थे.

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