अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें:- श्री कलेश जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न
नीमच : –

जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों के पुलिस थाना अजाक एवं अन्य थानों पर दर्ज होने वाले प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए और पीड़ित को शासन प्रदत्त सहायता समय-सीमा में प्रदान की जाए। यह बात एडीएम श्री बी.एस. कलेश ने जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति, नीमच की बैठक में कही।
उन्होने निर्देश दिए, कि अजा, अजजा एक्त में दर्ज प्रकरणों में पीड़ितों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने के लिये आवश्यक विभिन्न दस्तावेजों की पूर्ति संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर शीघ्रातिशीघ्र करें, ताकि पीड़ित को समय-सीमा में राहत राशि भुगतान की जा सके।
समिति सदस्य श्री हेमंत हरित ने बैठक में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के स्वामित्व की भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। श्री हरित ने अजा एवं अजजा वर्ग के हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने का भी सुझाव दिया।
समिति सदस्य श्री रतनलाल मालावत द्वारा ग्राम बड़ी में सीएसआर मद से स्कूल भवन निर्माण हेतु सोलर प्लांट के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की गई। श्री मालावत द्वारा जनजातीय वर्ग की नाबालिग बालिका को डरा धमकाकर जबरन विवाह कराने के पास्को एक्ट के प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र करने की मांग भी की गई।
बैठक के प्रारंभ में जिला संयोजक जनजाति कार्य एवं अनुसूचित कल्याण विभाग श्री राकेश कुमार राठौर ने बैठक में राहत प्रकरणों में विभाग स्तर पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया। बैठक में अशासकीय सदस्य श्री हेमंत हरित, श्री रतनलाल मालावत, श्री अशोक जोशी, श्रीमती शब्बी मेव, थाना प्रभारी, अजाक, नीमच, श्री दिनेश मंडलोई, कृषि विभाग, जिला अभियोजन अधिकारी श्री जगदीश चौहान, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री पारस मित्तल एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।





