सभी विभाग निर्माणाधीन कार्य मार्च अंत तक पूर्ण करवाना सुनिश्चित करें-श्री चंद्रा कलेक्टर ने की निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा
नीमच :-

जिले के सभी निर्माणविभाग, निर्माणाधीन सभी निर्माण कार्यो को 31 मार्च तक पूर्ण करवाना सुनिश्चित करें। सभी जिला अधिकारी अपने विभाग के निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण कर ले और उनमें कोई कमी या आवश्यकता हो, तो कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही पूरा करवाकर, आधिपत्य ले। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में विभिन्न निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक में विभागवार कार्यवार निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, वनमण्डलाधिकारी श्री एस.के.अटोदे, परियोजना अधिकारी शहरी विकास श्री पराग जैनव सभी निर्माण एजेन्सी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने विभागवार निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा की और उनका निर्माण कार्य पूर्ण करने की डेटलाईन भी निर्धारित की। कलेक्टर ने आंगनवाडी केंद्र भवनों के 2024-25 व इससे पूर्व के भवन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने वाली पंचायतों के पंचायत सचिवों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने के निर्देश भी जिला पंचायत सीईओ को दिए। उन्होने आंगनवाडी केंद्र भवनों के निर्माण कार्य मार्च अंत तक पूर्ण करवाकर विभाग को आधिपत्य प्रदान करने और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यो की प्रगति की समीक्षा में रामपुरा, मनासा उद्हवन सिंचाई योजना के कार्य में निर्माण ऐजेन्सी द्वारा देरी करने पर पेनल्टी निर्धारित कर एक सप्ताह में प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश भी जल संसाधन कार्यपालन यंत्री को दिए। कलेक्टर ने सेतु निर्माण विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वे हिंगोरिया ओव्हर ब्रीज निर्माण कार्य में देरी से कार्य प्रारंभ करने पर निर्माण एजेन्सी (ठेकेदार) पर सात दिवस में पेनल्टी के लिए प्रस्ताव तैयार कर भिजवाए। साथ ही अन्य निर्माण कार्यो में भी यदि किसी ठेकेदार निर्माण एजेन्सी द्वारा निर्माण कार्य देरी से प्रारंभ किया हैऔर समय सीमा में कार्य नहीं करवाया जा रहा है, तो उनके विरूद्ध भी पेनल्टी का प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के निर्देश दिए गये।
बैठक में सांसद निधि, विधायक निधि, डी.एम.एफ.मद से स्वीकृत, निर्माणाधीन प्रगतिरत एवं पूर्ण कार्यो की भी कार्यवार समीक्षा की गई। साथ ही वनमण्डलाधिकारी के साथ वन अनुमति के अभाव में लंबित कार्यो के बारे में कार्यवार चर्चा कर, आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर वन अनुमति जारी करवाकर कार्य प्रारंभ करने के संबंध में भी कार्यवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने वन भूमि के बदले परलाई में वन विभाग को आवंटित की गई जमीन का कब्जा मौके पर दिलाने के निर्देश भी एसडीएम जावद को दिए।





