नगर के स्थित सिविल न्यायालय अब बड़े भवन मे संचालित होगा।नगर परिषद के पुराने भवन को कोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। यह भवन पहले से बड़ा है और यहां कक्ष के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी हैै। सोमवार को न्यायालय इस भवन में स्थानांतरित हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह जी राजपूत ने फीता काटकर नए भवन का शुभारंभ किया। इस मौके पर अपर सत्र न्यायाधीश मनासा आशुतोष जी यादव व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 2 रौनक जी पाटीदार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे इस अवसर पर अधिवक्ता संद्य अध्यक्ष राधेश्याम सारु रामचंद्र करेल सम्राट दीक्षित अनवर खान तरुण गाँग मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे। सिविल न्यायालय का नए भवन में स्थानांतरण के बाद नए भवन में नागरिको, अधिवक्ताओं, परिवादियों सहित अन्य सेवाओं और अधिक सुविधाऐ मिलेगी, वही कार्य में आसानी होगी। जानकारी के अनुसार नगर मे लिंक कोर्ट के रूप मे स्वीकृत हुआ न्यायालय वर्तमान मे सिविल न्यायालय है, जो प्रारंभिक रूप से राजस्व विभाग के बस स्टैंड स्थित कार्यालय में मे संचालित हो रहा था, लेकिन कोर्ट के नियमित होने के बाद कार्यों मे वृद्धि होने वाले बड़े भवन की आवश्यकता होना लगी।यही कारण है कि कोर्ट को बस स्टैंड स्थित भवन से नगर परिषद के पुराने भवन में स्थानांतरित किया गया।
कोर्ट के रूप तैयार किया पुराना भवन
पूर्व मे इस भवन मे नगर परिषद कार्यालय का कार्य किया जाता था। नवीन नगर परिषद कार्यालय बनने के बाद नगर परिषद प्रशासन द्वारा इस भवन मे खाली कर दिया गया था, लेकिन लोक निर्माण विभाग के माध्यम से भवन में दुरूस्त कराकर कोर्ट के रूप मे तैयार किया। इसके साथ ही न्यायिक मजिस्ट्रेट के चेंबर का निर्माण किया गया। प्रतीक्षा कक्ष, अधिवक्ता, परिवादियों के लिए स्थान सहित अन्य व्यवस्था इस भवन मे की गई।
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इनका कहना
कोर्ट का दूसरे भवन मे स्थानांतरण किया गया है। पहले भवन की अपेक्षा परिसर बड़ा होने के चलते परिवादी एवं अधिवक्ताओं को सुहुलियत होगी।
राधेश्याम सारु अध्यक्ष अधिवक्ता संघ रामपुरा




