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“विक्रमोत्सव-2026” अंतर्गत वाराणसी में शुक्रवार से सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का होगा भव्य मंचन | 3 भव्य मंच, 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊँट, 1 पालकी और हाथी के जीवंत दृश्यों से होगा साकार बाबा विश्वनाथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अर्प

Posted on April 2, 2026

विक्रमोत्सव-2026 अंतर्गत उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए शुक्रवार 3 अप्रैल को वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य आतिथ्य में तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का शुभारंभ होगा।

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के माध्यम से वाराणसी के बी.एल.डब्ल्यू. मैदान में आयोजित होने वाले इस महानाट्य की परिकल्पना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की है। पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा रचित और राजेश कुशवाहा द्वारा निर्मित और संजीव मालवी के निर्देशन में प्रस्तुत महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को जगाने वाला अनुभव है।

इसमें 200 से ज्यादा कलाकार हाथी, घोड़े, रथ, पालकियां, भव्य युद्ध, लाइट शो, आतिशबाजी नृत्य और बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलकियां शामिल है। महान सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से राजतिलक तक की गाथा, विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महाकाव्य कथा इस महानाट्य में जीवंत होती है।

भव्य मंच, हाथी, घोड़ों और पालकी के साथ होगा जीवंत प्रदर्शन महानाट्य को विराट और जीवंत स्वरूप प्रदान करने के लिए तीन भव्य मंचों का निर्माण किया जा रहा है। केंद्र में 80×62 का मुख्य मंच तथा दोनों ओर 42×42 के 2 मंच तैयार किए जा रहे हैं। इन मंचों पर सिंहासन बत्तीसी, बेताल पच्चीसी और भविष्य पुराण के प्रसंगों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के अद्वितीय व्यक्तित्व, सुशासन और न्यायप्रियता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

साथ ही उनके दरबार के नवरत्न—कालिदास, वराहमिहिर सहित अन्य विद्वानों की विद्वता का भी सजीव प्रस्तुतिकरण होगा। लेफ्ट मंच पर महाकाल मंदिर की भव्य संरचना और 8 फीट के शिवलिंग पर दिव्य भस्म आरती का अलौकिक दृश्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। महानाट्य को और अधिक जीवंत बनाने के लिए 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊँट, 1 पालकी और 1 हाथी के साथ भव्य प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।

मंचीय प्रभाव को सशक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक ग्राफिक्स, 400 से अधिक लाइट्स, 80×32 की एलईडी स्क्रीन तथा 2 बार भव्य आतिशबाजी की जाएगी जो दर्शकों को एक अद्वितीय और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा। महानाट्य की भव्य तैयारी वाराणसी के बीएल.डब्लू, मैदान पर चल रही है जिसमें 10 से 15 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की होगी।

बाबा विश्वनाथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अर्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार काल गणना के केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना के बाद यह भारतवर्ष में स्थापित ज्योतिर्लिंगों में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना की श्रृंखला में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घडी अर्पण की जा रही है।

भारत के स्वाभिमान के पुनर्स्थापन के लिए भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना उज्जैन में की गयी है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2024 में किया गया था। इस घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को समवेत कर बनाया गया है।

यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित है। जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होगा उस स्थान की काल गणना तदनुसार होगी। स्टैण्डर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहेगा। इस घड़ी से वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टैण्डर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम सम्वत् मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी समाहित है।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की विशेषताएं इसमें समय का वैज्ञानिक और सटीक विभाजन किया गया है। इसमें एक दिन में 30 मुहूर्त हैं। दो सूर्योदय के बीच 30 मुहूर्त (घंटे) 30 काल (मिनट) और 30 काष्ठा (सेकंड) है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में वैदिक समय विभाजन तालिका (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) मुहूर्त : एक दिन में 30 मुहूर्त होते हैं, जिनकी अवधि लगभग 48 मिनट होती है।

कला : एक दिन में 900 कला होती हैं (30×30), जिनकी अवधि लगभग 96 सेकंड होती है। काष्ठा : एक दिन में 27,000 काष्ठा होती हैं (30×30×30), जिनकी अवधि लगभग 3.2 सेकंड होती है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप की विशेषताएं : वैदिक घड़ी : 30 घंटे की वास्तविक वैदिक समय प्रणाली पंचांग और विक्रम संवत कैलेंडर : 5800 वर्षों के लिए उपलब्ध मुहूर्त अलार्म : हर मुहूर्त के शुभ-अशुभ संकेत और अलार्म सेटिंग स्थान और मौसम : आपके शहर का लाइव तापमान, हवा, आर्द्रता 180+ भाषाओं में उपलब्ध।

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